महाराष्ट्र की राजनीति में मची हलचल, श्रीनिवास वनगा के बाद 3 और उम्मीदवार हुए नॉट रिचेबल

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर उम्मीदवारों में नाराजगी काफी बढ़ गयी है। हाल ही में टिकट न मिलने से दुखी श्रीनिवास वनघा ने घर छोड़ दिया था और अब ऐसा ही किस्सा दोबारा हुआ है, जहां तीन और उम्मीदवार नॉट रिचेबल हो गए है।
3 उम्मीदवार नॉट रिचेबल
शिवसेना (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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महाराष्ट्र: हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों को टिकट न मिलने पर उम्मीदवारों में असंतोष देखा गया। इस बीच पालघर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्रीनिवास वनगा टिकट न मिलने से दुखी हो गए थे घर छोड़ कर चले गए थे, जिससे काफी हंगामा भी हुआ था।

अब इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए चुनाव से पहले जब आज सोमवार को नामांकन लेने का आखिरी दिन है तब महाराष्ट्र के और तीन उम्मीदवार पहुंच से बाहर हो गए है। पालघर जिले के बोईसर और विक्रमगढ़ विधानसभा क्षेत्रों से विपक्षी उम्मीदवारी दाखिल करने वाले पालघर जिला परिषद अध्यक्ष प्रकाश निकम भी लंबे समय से पहुंच से बाहर हो गए हैं।

महायुति की बढ़ी परेशानी

इनके अलावा नाशिक के 2 उम्मीदवार भी पहुंच से बाहर है। आज नामांकन लेने की आखिरी तारीख होने की वजह से इन नेताओं के गायब होने पर राज्य में हलचल मच गई है। चुनाव में टिकट न मिलने से उम्मीदवार काफी नाराज है और उन्होंने पार्टी से बगावत तक निर्दलीय नामांकन भर कर महायुति की परेशानी बढ़ा दी है।

तीन उम्मीदवार हुए लापता

ऐसा माना जा रहा है कि महायुति को ग्रहण लग गया है, जिसके लिए अब पार्टी के बड़े नेता उम्मीदवारों को मनाने की कवायद में लगे हुए है। पालघर के जिला परिषद के अध्यक्ष प्रकाश निकम नॉट रिचेबल हो गए है तो दूसरी ओर शिंदे गुट के दिंडोरी विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार धनराज महाले और देवलाली विधानसभा क्षेत्र से राजश्री अहिरराव भी नॉट रिचेबल हो गए है। सूत्रों के अनुसार दोनों उम्मीदवारों ने नामांकन के आखिरी दिन एबी फॉर्म भरा था और महायुति से नियमों का पालन करने को लेकर आदेश आने के बाद से ही दोनों उम्मीदवार नॉट रिचेबल हो गए। बताया जा रहा है कि पार्टी ने दोनों उम्मीदवारों को इस्तीफा देने का आदेश दिया है।

शिवसेना का बढ़ा सिरदर्द

हालांकि, दोनों उम्मीदवारों के नोटरीकृत होने से शिंदे के शिवसेना गठबंधन का सिरदर्द बढ़ गया है। नासिक के देवलाली और दिंडोरी विधानसभा क्षेत्रों में, शिवसेना ने अजित पवार की उम्मीदवारी के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे थे। सूत्रों ने जानकारी दी है कि दोनों उम्मीदवारों के कहने पर मुंबई में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए आज नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। ऐसे में उम्मीदवारों का नॉट रिचेबल होना पार्टी के लिए भी एक बुरा संकेत दर्शाता है।

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