देसाईगंज रेत घाट घोटाला: 6 लाख ब्रास अवैध खनन का दावा, ईडी से जांच की मांग

Desaiganj Sand Ghat: गड़चिरोली के देसाईगंज उपविभाग में अवैध रेत खनन से 300 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया गया है। शेतकरी कामगार पक्ष ने मामले की ईडी जांच की मांग की।
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Illegal Sand Mining (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Illegal Sand Mining: देसाईगंज उपविभाग के रेत घाटों के ठेके की आड़ में निर्धारित अनुमति से कई गुना अधिक अवैध रेत खनन कर करीब 300 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप शेतकरी कामगार पक्ष ने लगाया है। पार्टी की आदिवासी-भटके विमुक्त आघाड़ी के प्रदेशाध्यक्ष रामदास जराते ने इस कथित मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग करते हुए पश्चिम क्षेत्रीय विशेष निदेशक को लिखित शिकायत सौंपी है।

शिकायत में कहा गया है कि जिला कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा ने 9 मई 2026 को देसाईगंज उपविभाग के आमगांव, कुरुड, चोप, शंकरपुर, रामपुर चक, वैरागढ़, वघाला, अरसोडा तथा मोहझरी स्थित कुल 21.35 हेक्टेयर क्षेत्र के रेत घाटों का ठेका ए.बी. कैरियर्स डायनैमिक प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। ठेका शर्तों के अनुसार कंपनी को केवल 98,940 ब्रास रेत के उत्खनन और परिवहन की अनुमति थी। आरोप है कि संबंधित कंपनी ने जिला खनन्न अधिकारी, उपविभागीय अधिकारी तथा देसाईगंज और आरमोरी के तहसीलदार की कथित मिलीभगत से 6 लाख ब्रास स्से अधिक रेत का अवैध खनन किया।

विदर्भ के अनेक क्षेत्रों में आपूर्ति

शिकायत के अनुसार इस रेत की आपूर्ति नागपुर, अमरावती, यवतमाल सहित विभिन्न क्षेत्रों में की गई. शिकायत में यह भी कहा गया है कि अवैध खनन के लिए सैकड़ों जेसीबी, पोकलेन और अन्य भारी मशीनों का दिन-रात उपयोग किया गया। स्थानीय नागरिकों के विरोध के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर ठेकेदार को संरक्षण दिया। रामदास जराते का दावा है कि इस मामले की शिकायत 4 जून को नागपुर संभागीय आयुक्त को ई-मेल के माध्यम से भी की गई थी, लेकिन राज्य के एक प्रभावशाली मंत्री के हस्तक्षेप के कारण प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

शेतकरी कामगार पक्ष ने उठाए सवाल

शिकायत में विशेष रूप से दावा किया गया है कि केवल वघाला रेत घाट से ही लगभग 2 लाख ब्रास रेत का अवैध उत्खनन किया गया। इससे पर्यावरण को व्यापक नुकसान पहुंचा और सरकार को भारी राजस्व हानि हुई। शिकायतकर्ता ने संबंधित कंपनी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों तथा इस प्रकरण से जुड़े राजस्व और खनन विभाग के अधिकारियों की आर्थिक गतिविधियों की ईडी से विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

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