-
गुरु, 18 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Illegal Mining Private Land Nagpur High Court Warning Compensation Land Acquisition
नागपुर अवैध उत्खनन मामला: HC ने जमीन मालिकों के विवाद पर संबंधित विभागों से मांगा जवाब, कुछ को ही मिला मुआवजा
- Written By: अंकिता पटेल
Nagpur Illegal Mining: नागपुर में निजी जमीन पर बिना अधिग्रहण खनन के आरोपों पर HC ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि आरोप साबित होने पर जिम्मेदार पक्षों को भारी या दोगुना हर्जाना भरना पड़ सकता है।

नागपुर, अवैध खनन, हाई कोर्ट,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Illegal Mining Land Acquisition: नागपुर निजी भूमि पर बिना अधिग्रहण किए अवैध उत्खनन होने का हवाला देते हुए सुधाकर मट्टे एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका पर बुधवार को सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए खनन किए जाने को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि यदि बिना पूर्व अधिग्रहण के खनन कार्य सिद्ध होता है तो जिम्मेदार पक्षों को भारी हर्जाना चुकाना पड़ सकता है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि यह पाया गया कि विवादित जमीन पर बिना अधिग्रहण के खनन किया गया है तो अदालत नुकसान की भरपाई का आदेश देगी, यह हर्जाना 2013 के अधिनियम के तहत मिलने वाले मूल मुआवजे की राशि के बराबर या उसका दोगुना भी हो सकता है। अदालत ने यह भी संज्ञान लिया कि मामले में याचिकाकर्ता संख्या 2 और 5 को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका है लेकिन अन्य भूस्वामियों की स्थिति पर विवाद बरकरार है।
दावों में भारी विरोधाभास इस मामले
में दोनों पक्षों के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिला है। एक ओर सरकार और संबंधित कंपनी का तर्क है कि जहां वास्तविक खनन चल रहा है वह जगह याचिकाकर्ताओं की जमीन से काफी दूर है और उस भूमि पर अभी तक कोई खनन गतिविधि नहीं हो रही है।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे मनपा बैठक में AAP का भारी हंगामा, स्कूलों के निजीकरण के विरोध में गैलरी से लहराए पोस्टर और की नारेबाजी
नागपुर फेक करेंसी रैकेट: 5 गुना नकली नोट देने का लालच देने वाला पप्पू पटेल 3 साथियों संग पुलिस की गिरफ्त में
नवभारत संपादकीय: महावितरण के स्मार्ट मीटरों पर बढ़ता जन-आक्रोश और सुलगते बुनियादी सवाल
पुणे मनपा में निजी अस्पतालों पर फूटा गुस्सा, शव रोकने और मरीजों को लौटाने पर 10 दिन में होगी सख्त कार्रवाई
वहीं दूसरी ओर याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि खनन लगातार उनकी जमीन पर ही हो रहा है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी दलील दी कि खनन कंपनी ने खुद इसी जमीन के अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव पेश किया था।
गांव पर पड़ रहा है सीधा असर
अदालत में यह भी बताया गया कि खनन का क्षेत्र बहुत बड़ा है और इसकी सीमाएं लगातार गांव के करीब आ रही हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इस गतिविधि का नकारात्मक प्रभाव पूरे गांव पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत ऐसी स्थिति में सबसे पहले एक ‘सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन’ किया जाना अनिवार्य है।
अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि क्या खनन सीधे याचिकाकर्ता की जमीन पर हो रहा है या फिर आसपास हो रहे खनन की वजह से गांव और जमीन प्रभावित हो रहे हैं।
सच्चाई जानने के लिए नियुक्त होगा कमिश्नर
विरोधाभासी बयानों और भ्रम की स्थिति को देखते हुए अदालत ने सच्चाई का पता लगाने के लिए एक स्वतंत्र ‘कमिश्नर’ (जांचकर्ता) नियुक्त करने का सुझाव दिया है। यह निष्पक्ष व्यक्ति सीधे मौके पर जाकर स्थिति का मुआयना करेगा और दोनों पक्षों के दावों पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगा।
यह भी पढ़ें:-नागपुर फेक करेंसी रैकेट: 5 गुना नकली नोट देने का लालच देने वाला पप्पू पटेल 3 साथियों संग पुलिस की गिरफ्त में
याचिकाकर्ताओं ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह उनके हित में होगा क्योंकि इससे वास्तविक स्थिति सबके सामने आ जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ताओं को एक विस्तृत नक्शा तैयार करके पेश करने का निर्देश दिया है। इस नक्शे में गांव की सटीक लोकेशन, याचिकाकर्ताओं की जमीन और वह जगह जहां वर्तमान में खनन गतिविधियां चल रही हैं, उसे स्पष्ट रूप से दर्शाना होगा। इस नक्शे के आधार पर ही अदालत यह तय करेगी कि नियुक्त किए जाने वाले कमिश्नर को किस प्रकार का सर्वेक्षण करना है।
Illegal mining private land nagpur high court warning compensation land acquisition
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नागपुर अवैध उत्खनन मामला: HC ने जमीन मालिकों के विवाद पर संबंधित विभागों से मांगा जवाब, कुछ को ही मिला मुआवजा
Jun 18, 2026 | 02:33 PMपुणे मनपा बैठक में AAP का भारी हंगामा, स्कूलों के निजीकरण के विरोध में गैलरी से लहराए पोस्टर और की नारेबाजी
Jun 18, 2026 | 02:30 PMनागपुर फेक करेंसी रैकेट: 5 गुना नकली नोट देने का लालच देने वाला पप्पू पटेल 3 साथियों संग पुलिस की गिरफ्त में
Jun 18, 2026 | 02:18 PMनवभारत संपादकीय: महावितरण के स्मार्ट मीटरों पर बढ़ता जन-आक्रोश और सुलगते बुनियादी सवाल
Jun 18, 2026 | 02:17 PMWomen’s T20 World Cup: लगातार दो हार बर्दाश्त नहीं कर पाई पाकिस्तानी कप्तान, डग आउट हुए भावुक, छलक पड़े आंसू
Jun 18, 2026 | 02:17 PMमंत्रियों को ‘नाकारा’ बताने वाले BJP विधायक पन्नालाल शाक्य के सुर बदले, प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर दी सफाई
Jun 18, 2026 | 02:16 PMराजघाट मस्जिद विवाद: अंजुमन इंतजामिया ने वाराणसी रेलवे के नोटिस पर उठाए 5 बड़े सवाल, कानूनी लड़ाई हुई तेज
Jun 18, 2026 | 02:16 PMवीडियो गैलरी

क्या शिवसेना में बगावत बन चुकी है परंपरा? 1991 से 2026 तक विद्रोह की पूरी टाइमलाइन- VIDEO
Jun 17, 2026 | 11:04 PM
अयोध्या में महिलाओं की निजता पर भी टैक्स? सरयू घाट के चेंजिंग रूम का यह सच जानकर भड़क उठे लोग, देखें VIDEO
Jun 17, 2026 | 09:44 PM
इंदौर में ₹29 लाख की लूट का मास्टरमाइंड निकला फौजी, वारदात के बाद गया मंदिर; पुलिस ने किया गिरफ्तार, VIDEO
Jun 17, 2026 | 09:29 PM
अगर हमें सुरक्षा नहीं मिली तो… UP के वकीलों का फूटा गुस्सा, प्रयागराज में निकाला जुलूस; देखें VIDEO
Jun 17, 2026 | 09:13 PM
नाविकों की मौत से ट्रेड डील तक, 16 महीने बाद आमने-सामने मोदी-ट्रंप! किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
Jun 17, 2026 | 07:31 PM
रांची में RSS कार्यालय पर हुआ हमला, पेट्रोल बम से कार्यालय जलाने की साजिश! देखें VIDEO
Jun 17, 2026 | 02:36 PM











