Gadchiroli News: फर्जी भर्ती के बाद अब नकली नियुक्ति पत्र का खुलासा, गड़चिरोली प्रशासन सतर्क

Fake Appointment Letter: गड़चिरोली जिला परिषद के नाम से चपरासी पद का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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Gadchiroli Zilla Parishad (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Zilla Parishad: गड़चिरोली जिला परिषद स्कूलों में चपरासी पदों पर भर्ती की फर्जी विज्ञप्ति सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि उससे भी अधिक गंभीर मामला सामने आया है। एक व्यक्ति को जिला परिषद के नाम से चपरासी पद का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का खुलासा हुआ है। इस घटना से जिला परिषद और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में जिला परिषद प्रशासन की ओर से पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

पिछले कुछ दिनों में गड़चिरोली जिले में विकास कार्यों से संबंधित जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर, धान घोटाले की जांच से जुड़े कथित फर्जी पत्र, भर्ती संबंधी फर्जी दस्तावेज और अब नकली नियुक्ति पत्र जैसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे पहले सोशल मीडिया पर जिला परिषद स्कूलों में परिचर पदों पर 22 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ भर्ती होने की फर्जी सूचना प्रसारित की गई थी। जिला परिषद प्रशासन ने तत्काल स्पष्टीकरण जारी कर इसे पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताया था तथा स्पष्ट किया था कि ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया जारी नहीं है।

चपरासी पद का फर्जी नियुक्ति पत्र वायरल

साथ ही नागरिकों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की गई थी। अब सामने आए नए मामले में एक अभ्यर्थी को जिला परिषद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और चयन समिति के नाम से संविदा चपरासी पद का फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इस पत्र में मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर, मुहर, नियुक्ति की शर्ते और कार्यालयीन प्रारूप की हूबहू नकल की गई थी। इतना ही नहीं, अभ्यर्थी को एक निर्धारित तिथि पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी दिए गए थे।

संगठित नेटवर्क सक्रिय

जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षरों से जिला खनिज निधि की प्रशासनिक स्वीकृति के आदेश तैयार किए जाने का मामला भी चर्चा में रहा था। धान घोटाले की जांच से जुड़े एक फर्जी पत्र पर कांग्रेस नेता तथा विधायक नाना पटोले के कथित फर्जी हस्ताक्षर का मामला भी सामने आया था।

फर्जी भर्ती विज्ञापन और नकली नियुक्ति

पत्र के मामलों से जिले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। प्रशासन और पुलिस के सामने ऐसे गिरोहों की पहचान कर उन पर प्रभावी कार्रवाई करने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

जिप CEO सुहास गाड़े ने कहा कि इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से न केवल बेरोजगार युवाओं के साथ धोखाधड़ी हो रही है, बल्कि सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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