
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Budget 2026 Infrastructure: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को प्रस्तुत अपने यूनियन बजट 2026 में विशेष रूप से 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को लक्षित करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार बढ़ावा देने की योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहर अब “ग्रोथ सेंटर” बन चुके हैं। वित्त मंत्री रहते हुए यह उनका रिकाॅर्ड नौंवा बजट है।
संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने बताया कि पब्लिक कैपिटल खर्च FY2014-15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर BE2025-26 में ₹11.2 लाख करोड़ हो गया है, और FY2026-27 में इसे ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि विकास की गति बनी रहे।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निजी डेवलपर्स का भरोसा बढ़ाने के लिए उन्होंने लेंडर्स को कैलिब्रेटेड पार्शियल क्रेडिट गारंटी देने वाले एक इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की घोषणा की। इसके साथ ही CPSEs के रियल एस्टेट एसेट्स की रीसाइक्लिंग को तेज करने के लिए डेडिकेटेड राइट्स बनाने का प्रस्ताव रखा।
बजट 2026 में निर्मला सीतारमण ने पूर्व से पश्चिम तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दानकुनी को सूरत से जोड़ने वाला डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने और अगले पांच साल में 20 नए वॉटरवे शुरू करने की योजना भी बताई। इन वॉटरवे के लिए आवश्यक मैनपावर विकसित करने हेतु रीजनल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाए जाएंगे, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण और स्किल्स सीखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम बनाने की भी घोषणा की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2047 तक इनलैंड वॉटरवे और कोस्टल शिपिंग का हिस्सा 6% से बढ़ाकर 12% करने के लिए कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम की घोषणा की। इसका उद्देश्य माल परिवहन को सस्ते और प्रभावी ढंग से बढ़ाना है। साथ ही, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए स्वदेशी सीप्लेन बनाने की योजना पेश की गई।
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उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की गुणवत्ता और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए एक नई योजना की भी घोषणा की। इसमें फायरफाइटिंग उपकरण, लिफ्ट, टनल बोरिंग मशीन जैसी उच्च तकनीकी और मूल्यवान मशीनरी शामिल होगी, जिससे निर्माण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता दोनों बढ़ेंगी।






