संसद तक पहुंचा ‘सरके चुनर तेरी’ का विवाद, बैन के बाद अश्विनी वैष्णव ने संविधान का हवाला देकर दिया करारा जवाब

Sanjay Dutt Song Banned: ‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर बढ़े विवाद के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। संसद में गूंजे इस मामले पर अब बैन और सख्त कार्रवाई की बात सामने आई है।
Sarke Chunar Teri Sarke Controversy
सरके चुनर तेरी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Sarke Chunar Teri Sarke Controversy: कन्नड़ फिल्म केडी: द डेविल का गाना ‘सरके चुनर तेरी’ इन दिनों बड़े विवाद के केंद्र में है। बढ़ते विरोध और आलोचनाओं के बीच भारत सरकार ने इस गाने पर आधिकारिक तौर पर बैन लगा दिया है। यह मुद्दा इतना गंभीर हो गया कि इसकी गूंज संसद तक पहुंच गई, जहां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।

लोकसभा में इस गाने को लेकर चर्चा के दौरान मंत्री ने बताया कि संबंधित गाने पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह पूरी तरह से निरंकुश नहीं हो सकती। इसे समाज, संस्कृति और संविधान द्वारा तय सीमाओं के भीतर ही रहना चाहिए।

‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर मचा बवाल

दरअसल, ‘सरके चुनर तेरी’ गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसका जबरदस्त विरोध शुरू हो गया था। इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। गाने के बोल और डांस स्टेप्स को लेकर लोगों ने इसे अश्लील और आपत्तिजनक करार दिया। कई यूजर्स ने दावा किया कि यह गाना महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और समाज में गलत संदेश देता है।

विवाद बढ़ता देख फिल्म के मेकर्स ने पहले ही इस गाने को यूट्यूब से हटा लिया था। साथ ही, उन्होंने इसे नए वर्जन में दोबारा रिलीज करने का फैसला भी लिया है, जिसमें गाने के बोलों में बदलाव किया जाएगा ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों। हालांकि, नए वर्जन की रिलीज डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

सेंसर बोर्ड और राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा मामला

इस मामले में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तक शिकायत पहुंच चुकी है। शिकायतकर्ताओं ने गाने को बेहद अश्लील बताते हुए कहा कि यह महिलाओं को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करता है और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ‘केडी: द डेविल’ विवादों में आई हो। इससे पहले भी फिल्म के एक अन्य गाने पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया था। लगातार बढ़ते विरोध के बीच अब यह मामला सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, सामाजिक मूल्यों और मनोरंजन की सीमाओं को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।

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