इस FMCG कंपनी का घटा कारोबार, सितंबर तिमाही के आंकड़ों में हुआ खुलासा

एचयूएल ने बुधवार को शेयर बाजारों को जुलाई-सितंबर, 2024 तिमाही के फाइनेंशियल रिज्लट की सूचना दी, जिसके आधार पर पता चला है कि कंपनी को इस तिमाही में हल्का नुकसान हुआ है।
Hindustan Unilevers September quarter net profit declined
हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (सौजन्य : सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

नई दिल्ली : रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले सामान बनाने वाली भारतीय की दिग्गज कंपनियों में से एक हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड यानी एचयूएल ने इस वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के आंकड़े पेश किए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर पता चला है कि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में कंपनी के लाभ में 2.33 प्रतिशत की कमी आयी है और ये लाभ घटकर 2,595 करोड़ रुपये तक हो गया है।

एचयूएल ने बुधवार को शेयर बाजारों को जुलाई-सितंबर, 2024 तिमाही के फाइनेंशियल रिज्लट की सूचना देते हुए कहा कि शहरी बाजार से मांग कम होने का उसके प्रदर्शन पर असर पड़ा है। एक साल पहले की इसी तिमाही में एचयूएल ने 2,657 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था। हालांकि, रिव्यू पीरियड में प्रोडक्ट्स की सेल्स से प्राप्त रेवेन्यू 2.36 प्रतिशत बढ़कर 15,703 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की इसी तिमाही में कंपनी का सेल्स रेवेन्यू 15,340 करोड़ रुपये रहा था।

लाभदायक प्रदर्शन किया

एचयूएल के पास सर्फ, रिन, लक्स, पॉन्ड्स, लाइफबॉय, लक्मे, ब्रुक बॉन्ड, लिप्टन और हॉर्लिक्स जैसे लोकप्रिय ब्रांड हैं। एचयूएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित जावा ने कहा, ‘‘सितंबर तिमाही में शहरी बाजारों में एफएमसीजी की मांग में मामूली बढ़त देखी गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमिक सुधार जारी रहा। इस संदर्भ में हमने प्रतिस्पर्धी और लाभदायक प्रदर्शन किया।''

टोटल इनकम घटी

सितंबर तिमाही में एचयूएल कंपनी का टोटल एक्सपेंस 12,581 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 3.03 प्रतिशत ज्यादा है। इस दौरान एचयूएल की टोटल इनकम एक साल पहले की इसी तिमाही के मुकाबले 2.14 प्रतिशत बढ़कर 16,145 करोड़ रुपये हो गई।

रफ्तार कायम रहने की उम्मीद

एचयूएल के मुख्य वित्त अधिकारी यानी सीएफओ रितेश तिवारी ने तिमाही रिजल्ट पर कहा, ‘‘हमारा दो-तिहाई कारोबार शहरी सेक्टर में है जबकि एक-तिहाई कारोबार ग्रामीण क्षेत्रों में है। शहरी बाजार में हमारी बढ़त नरम पड़ी है। जहां तक ग्रामीण बाजार का सवाल है तो मुद्रास्फीति की वजह से खर्च-योग्य आमदनी घटी है।'' उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में डिमांड के रुझान स्थिर रहने और बढ़त की रफ्तार कायम रहने की उम्मीद है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com