ब्रिटेन में रिफॉर्म यूके पार्टी का बड़ा ऐलान… पाकिस्तान समेत 6 देशों के वीजा पर लगेगा बैन

Migrant Deportation Policy: रिफॉर्म यूके पार्टी ने सत्ता में आने पर पाकिस्तान समेत 6 देशों पर वीजा बैन और सालाना 2.88 लाख प्रवासियों को डिपोर्ट करने का वादा किया है। इसके लिए नई एजेंसी भी बनाई जाएगी।
Reform UK Party Proposes Visa Ban on Pakistan and Large Scale Migrant Deportation
ब्रिटेन में रिफॉर्म यूके पार्टी का ऐलान पाकिस्तान समेत इन 6 देशों का होगा वीजा बैन- रिफॉर्म यूके पार्टी के नेता नाइजल फराज (सोर्स-सोशल मीडिया)
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UK Visa Ban On Pakistan Proposal: ब्रिटेन की रिफॉर्म यूके पार्टी ने आगामी चुनावों के मद्देनजर एक बहुत ही सख्त इमिग्रेशन नीति की घोषणा की है। पार्टी नेता नाइजल फराज ने कहा है कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो अवैध प्रवासन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन की सीमाओं को सुरक्षित करना और अवांछित प्रवासियों को उनके देश वापस भेजना है।

नई डिपोर्टेशन एजेंसी का गठन

रिफॉर्म यूके पार्टी ने अमेरिका की 'आइस' एजेंसी की तर्ज पर ब्रिटेन में एक नई संस्था बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस एजेंसी का नाम 'यूके डिपोर्टेशन कमांड' रखा जाएगा जो अवैध प्रवासियों को ढूंढकर उन्हें बाहर निकालने का काम करेगी। पार्टी का लक्ष्य है कि हर साल करीब 2.88 लाख प्रवासियों को उनके मूल देश वापस डिपोर्ट किया जाए।

पाकिस्तान समेत छह देशों पर बैन

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान, सोमालिया, इरीट्रिया, अफगानिस्तान, सीरिया और सूडान के नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध लगेगा। उनका मानना है कि इन छह देशों से सबसे अधिक संख्या में अवैध प्रवासी ब्रिटेन की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। इन देशों के वीजा पर बैन लगाने से ब्रिटेन की सुरक्षा व्यवस्था को काफी हद तक मजबूत करने में मदद मिलेगी।

भारी खर्च और बजट योजना

इस पूरी योजना को लागू करने के लिए सालाना करीब दो अरब पाउंड का भारी भरकम बजट खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। पार्टी का कहना है कि वे इस खर्च को प्रवासियों के कल्याण और आवास पर होने वाली कटौती के जरिए संतुलित करेंगे। इसके लिए प्रवासियों को पहले मॉड्यूलर घरों में रखा जाएगा और फिर हर दिन पांच विशेष विमानों से भेजा जाएगा।

मानवाधिकार कानूनों में बदलाव

रिफॉर्म यूके ने 'यूरोपियन कन्वेंशन ऑन ह्यूमन राइट्स' यानी ईसीएचआर से ब्रिटेन को बाहर निकालने का भी प्रस्ताव दिया है। पार्टी का तर्क है कि वर्तमान मानवाधिकार कानून देश की सुरक्षा और प्रभावी सीमा नियंत्रण में बड़ी बाधा साबित हो रहे हैं। वे एक नया कानून "इलीगल माइग्रेशन मास डिपोर्टेशन एक्ट" लाने की योजना बना रहे हैं जिससे कानूनी बाधाएं दूर होंगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विरोध

हालांकि ब्रिटेन में आम चुनाव 2029 में होने हैं लेकिन रिफॉर्म यूके की इस योजना ने अभी से राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। लेबर पार्टी ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए इसे समाज को बांटने वाली और एकता विरोधी नीति बताया है। पार्टी प्रवक्ता जिया यूसुफ ने इस योजना को 'ऑपरेशन रिस्टोरिंग जस्टिस' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा करार दिया है।

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