भारत की पहली मेड-इन-इंडिया कार ‘एंबेसडर’: एक दौर की पहचान, आज भी कायम है रुतबा

आज जहां सड़कों पर तमाम लग्जरी SUV और सेडान कारें दौड़ती नजर आती हैं, वहीं बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत की पहली मेड-इन-इंडिया कार कौन सी थी। इसका नाम है — एंबेसडर (Ambassador)।
भारत की पहली मेड-इन-इंडिया कार ‘एंबेसडर’: एक दौर की पहचान, आज भी कायम है रुतबा
The Ambassador में क्या था उस समय खास। (सौ. Wiki)
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आज जहां सड़कों पर तमाम लग्जरी SUV और सेडान कारें दौड़ती नजर आती हैं, वहीं बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत की पहली मेड-इन-इंडिया कार कौन सी थी। इसका नाम है — एंबेसडर (Ambassador)। जैसे ही यह कार भारतीय सड़कों पर उतरी, इसने आम जनता से लेकर नेताओं तक के दिलों में खास जगह बना ली।

1948 में हुई थी शुरुआत

भारत में पहली बार एंबेसडर को वर्ष 1948 में पेश किया गया था। शुरुआत में इसे हिंदुस्तान लैंडमास्टर (Hindustan Landmaster) नाम से जाना जाता था। इस गाड़ी की डिज़ाइन ब्रिटिश कार मॉरिस ऑक्सफोर्ड सीरीज 3 से प्रेरित थी। इसमें 1.5-लीटर का इंजन दिया गया था, जो 35 bhp की ताकत पैदा करता था। उस दौर में यह गाड़ी न केवल तकनीक बल्कि लुक्स में भी आगे थी।

नेताओं की पसंद बनी एंबेसडर

कई दशकों तक यह कार भारतीय VIP कल्चर का हिस्सा रही। बड़े-बड़े राजनेता और सरकारी अधिकारी इस कार को ही प्राथमिकता देते थे। समय के साथ इसमें अद्भुत अपडेट्स किए गए जो इसे लगातार प्रासंगिक बनाए रखते थे।

डिजाइन और सुविधाएं भी थीं शानदार

एंबेसडर का डिज़ाइन एक रेट्रो फील लिए हुए था — राउंड हेडलाइट्स, क्रोम ग्रिल और बॉक्सनुमा आकार ने इसे एक आइकॉनिक लुक दिया। इसके इंटीरियर में प्लश सीट्स, बड़ा लेगरूम, और बाद में पावर स्टीयरिंग व AC जैसे फीचर्स जोड़े गए, जिससे यह लंबी दूरी की यात्राओं के लिए बेहतरीन साबित हुई।

आखिरी मॉडल और कीमत

इस कार का आखिरी मॉडल 2013 में 'Encore' नाम से लॉन्च किया गया था। इसमें BS4 इंजन और 5-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया था। हालांकि, इसे 2014 में बंद कर दिया गया। शुरुआत में इसकी कीमत सिर्फ ₹14,000 थी, लेकिन आज के हिसाब से इसका मूल्य लगभग ₹14 लाख माना जा सकता है।

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