

Tej Pratap Yadav Warns Tejashwi Yadav On RJD Seats: लालू परिवार के अंदर चल रही अनबन अब सबके सामने खुलकर आ गई है। रोहिणी आचार्य द्वारा सार्वजनिक रूप से लालू परिवार से रिश्ते खत्म करने के ऐलान के बाद, यह विवाद और गहरा गया है। अब इस मामले में सबसे बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है और उन्होंने अपनी ही बहन रोहिणी को घर से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। तेज प्रताप ने RJD की गिरती सीटों पर चिंता जताते हुए सवाल किया है कि अगर ऐसे ही सबको निकाला जाता रहा, तो पार्टी में कौन बचेगा?
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में, लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की कि वह लालू परिवार से अपने सभी रिश्ते खत्म कर रही हैं। इस घोषणा से आहत तेज प्रताप यादव ने अपनी बहन को घर से निकाले जाने का दावा किया है।
तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए अपने भाई और RJD नेतृत्व से कड़ा सवाल पूछा। उन्होंने लिखा, “सबको निकालोगे तो रहेगा कौन? यही सवाल अब जनता पूछ रही है।”
तेज प्रताप ने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें पार्टी में महत्व न देने और उनकी आवाज दबाने के कारण ही RJD को चुनाव में नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, "जब मुझे निकाला गया था, तो यही लोग सोच रहे थे कि तेज प्रताप तो फालतू है। इससे क्या फर्क पड़ेगा? मुझे रोककर रखा गया। मेरी आवाज दबाई गई।" उन्होंने आगे लिखा कि जैसे ही वह बाहर निकले और 'नई RJD' की सच्चाई जनता के सामने रखी, पार्टी को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने RJD की गिरती सीटों के आंकड़े दिखाते हुए अपने दावे को पुख्ता किया-
2015: 80 सीट2020: 75 सीट2025: 25 सीट
तेज प्रताप ने कहा, “यह गिरावट मैं नहीं, जनता बता रही है कि गलती कहां हुई।” उन्होंने अफसोस जताया कि आज वही लोग पूछ रहे हैं, "सबको निकालोगे तो रहेगा कौन?"
अपनी बहन रोहिणी आचार्य को लेकर तेज प्रताप ने भावुक होते हुए लिखा कि पहले उन्हें घर से दूर किया गया और "फिर देवी जैसी मेरी बहन रोहिणी को निकाला।" उन्होंने कहा कि इस घटना पर पूरा बिहार हंस रहा था कि जिस परिवार ने लोगों को हंसाया और रुलाया, वही आज खुद मजाक का पात्र बन गया है।
तेज प्रताप ने महाभारत का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी, "इज्जत का तमाशा जब-जब हुआ है पार्थ, धर्म ने हस्तिनापुर ही नहीं, पूरा इतिहास बदल दिया है।" उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया और इसे "जनता की चीरही रक्षा का युद्ध" बताया।
तेज प्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी यादव और पिता लालू प्रसाद यादव को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर यही रवैया जारी रहा, तो अगले चुनाव में RJD को 25 से 5 सीटों पर आने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने दावा किया कि यह तो सिर्फ 20 दिन का असर है। अगर वह पूरे बिहार में घूमते तो इसी बार RJD 5 सीटों पर आ जाती। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब समझ चुकी है कि RJD अब लालू जी की विचारधारा वाली पार्टी नहीं, बल्कि "जयचंदों द्वारा हथियाई गई पार्टी" बन चुकी है।
उन्होंने दुख व्यक्त किया कि पार्टी में "सिद्धांत की जगह चाटुकार" और "समर्पण की जगह षड्यंत्र" ने ले ली है। तेज प्रताप ने साफ किया कि उन्होंने किसी को नहीं निकाला, बल्कि उन्हें ही उनके घर और लोगों से दूर किया गया।