
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
Bihar Politics: बिहार के सियासी संदर्भ में 20 नवंबर 2025 की तारीख बहुत बड़ी होने वाली है। नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं। लेकिन यहां सबसे ज्यादा चर्चा उपेन्द्र कुशवाहा की होने लगी है। जिन्होंने एक ऐसा दांव चला है, जिसकी किसी भी राजनैतिक पंडित ने उम्मीद भी नहीं की होगी।
दरअसल, नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के साथ-साथ नई सरकार के कैबिनेट को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। कई नेताओं के नाम मंत्रिपद के लिए फाइन हो गए हैं। जिसमें एक नाम आरएलएम मुखिया उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे दीपक कुशवाहा का भी बताया जा रहा है। जिनकी न तो अभी तक कोई राजनैतिक प्रेंजेंस रही है और न ही चुनाव लड़ा है।
ऐसी अटकलें हैं कि दीपक प्रकाश पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के कोटे से मंत्री बनेंगे। दीपक ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। हालांकि, चुनाव से पहले जब सीट शेयरिंग पर बातचीत हुई थी, तो उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को MLC सीट देने पर सहमति बनी थी। इस कोटे से वे मंत्री बन सकते हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने विधानसभा चुनाव से पहले सीट शेयरिंग के इंतज़ाम पर काफी नाराजगी जताई थी। जब पटना में बात नहीं बनी तो दिल्ली में अमित शाह से उनकी मीटिंग तय की गई। खबरें आईं कि उन्हें छह सीटों के अलावा MLC सीट देने का वादा किया गया था।
पहले ऐसी चर्चा थी कि उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा को नीतीश कुमार सरकार में शामिल किया जा सकता है। स्नेहलता ने बिहार की सासाराम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और 25,000 से ज़्यादा वोटों से जीती थीं। उन्हें चुनाव में 105,006 वोट मिले थे, जबकि राष्ट्रीय जनता दल के सतेंद्र शाह को सिर्फ़ 79,563 वोट मिले थे।
इस लिहाज से महज चार विधायकों वाली पार्टी के मुखिया होते हुए भी उपेन्द्र कुशवाहा बिहार के सबसे बड़े सिकंदर बनकर उभरे हैं। क्योंकि पत्नी विधायक बन चुकी हैं। बेटे को नीतीश के मंत्रिमंडल में जगह मिलने जा रही है। जबकि उपेंद्र कुशवाहा खुद राज्यसभा MP हैं।
चुनाव में बड़ी जीत के बाद NDA के घटक दल नीतीश कुमार की सरकार में अपनी हिस्सेदारी पर सोच-विचार कर रहे थे। हालांकि अभी बहुत कम जानकारी सामने आई है, लेकिन सूत्रों से पता चला है कि स्पीकर पद को लेकर NDA के सहयोगियों के बीच आम सहमति बन गई है। BJP के सीनियर MLA प्रेम कुमार को स्पीकर बनाया जा सकता है, जबकि डिप्टी स्पीकर का पद जेडीयू के पास रहेगा।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में NDA के मुख्य घटक दलों, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) से पांच से छह नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि नई सरकार में जेडीयू अपने पुराने चेहरों को बनाए रख सकती है, जबकि बीजेपी कुछ नए चेहरों को मौका दे सकती है।
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इसके अलावा चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर को भी नई कैबिनेट में जगह मिलेगी। चिराग की पार्टी को तीन मंत्री पद मिल सकते हैं, जबकि HAM एक मंत्री पद मिलने की उम्मीद है। नए मंत्रिमंडल में भाजपा से 16 और जदयू से 14 मंत्री शामिल होने की उम्मीद है।






