Jawahar Lal Nehru Letter On Somnath Temple: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत के साथ ही सोमनाथ मंदिर से जुड़ा एक पुराना ऐतिहासिक राजनीतिक विवाद फिर चर्चा में आ गया है। बीजेपी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 17 पत्र सार्वजनिक किए हैं, जिनमें उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और उद्घाटन को लेकर आपत्तियां जताई थीं। बीजेपी का दावा है कि ये पत्र कांग्रेस की उस सोच को उजागर करते हैं जो धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रूप से सीमित रखना चाहती रही है। पार्टी इस मुद्दे को राम मंदिर उद्घाटन (2024) और सेतु समुद्रम मामले (2007) से जोड़कर कांग्रेस पर “आस्था-विरोधी मानसिकता” का आरोप लगा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि उसका रुख धर्म और राजनीति को अलग रखने की नीति पर आधारित है। इस तरह सोमनाथ मंदिर से जुड़े पत्र आज की राजनीति में वैचारिक टकराव का नया आधार बनते दिख रहे हैं।
Jawahar Lal Nehru Letter On Somnath Temple: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत के साथ ही सोमनाथ मंदिर से जुड़ा एक पुराना ऐतिहासिक राजनीतिक विवाद फिर चर्चा में आ गया है। बीजेपी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 17 पत्र सार्वजनिक किए हैं, जिनमें उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और उद्घाटन को लेकर आपत्तियां जताई थीं। बीजेपी का दावा है कि ये पत्र कांग्रेस की उस सोच को उजागर करते हैं जो धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रूप से सीमित रखना चाहती रही है। पार्टी इस मुद्दे को राम मंदिर उद्घाटन (2024) और सेतु समुद्रम मामले (2007) से जोड़कर कांग्रेस पर “आस्था-विरोधी मानसिकता” का आरोप लगा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि उसका रुख धर्म और राजनीति को अलग रखने की नीति पर आधारित है। इस तरह सोमनाथ मंदिर से जुड़े पत्र आज की राजनीति में वैचारिक टकराव का नया आधार बनते दिख रहे हैं।






