
गौरी लंकेश व आरोपी श्रीकांत पंगारकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gauri Lankesh Murder Accused Shrikant Pangarkar News: बेंगलुरु की चर्चित पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। पंगारकर ने 15 जनवरी को होने वाले महाराष्ट्र निकाय चुनाव के लिए जालना नगर निगम के वार्ड 13 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
जालना नगर निगम का वार्ड नंबर 13 इस समय हॉट सीट बन गया है। यहां भाजपा और अन्य प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने यहां से अपना कोई प्रत्याशी नहीं दिया है।
श्रीकांत पंगारकर का राजनीतिक इतिहास विवादों से भरा रहा है। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वे शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हुए थे, लेकिन भारी सार्वजनिक विरोध और विवाद के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को उनकी सदस्यता स्थगित करने पर मजबूर होना पड़ा था। अब पार्टी का समर्थन न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय ही ताल ठोक दी है।
5 सितंबर 2017 को बेंगलुरु में निडर पत्रकार गौरी लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और अभिव्यक्ति की आजादी पर एक वैश्विक बहस छिड़ गई थी। जांच एजेंसियों ने इस मामले में श्रीकांत पंगारकर को एक अहम कड़ी मानते हुए आरोपी बनाया था। पंगारकर पर हत्या की साजिश और कट्टरपंथी समूहों से जुड़ाव के गंभीर आरोप लगे थे।
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श्रीकांत पंगारकर राजनीति के लिए नए नहीं हैं। वह 2001 से 2006 के बीच अविभाजित शिवसेना के टिकट पर जालना नगर परिषद के सदस्य रह चुके हैं। हालांकि, 2011 में जब शिवसेना ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया और दक्षिणपंथी संगठन ‘हिंदू जनजागृति समिति’ में शामिल हो गए।
पंगारकर की उम्मीदवारी ने अन्य दलों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। एक तरफ जहाँ विपक्षी दल इसे “अपराधीकरण” का मुद्दा बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समीकरणों को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता एक हत्या के आरोपी को किस नजरिए से देखती है। जालना की इस सीट पर अब पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं।






