नवी मुंबई चुनाव पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक! भाजपा नेता को मिली बड़ी राहत, जानें क्या है पूरा विवाद?

Navi Mumbai Election: बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड 17A चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने भाजपा उम्मीदवार नीलेश भोजने का नामांकन रद्द करने को 'मनमाना' बताया।
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नवी मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Navi Mumbai Ward 17A Election Stay: नवी मुंबई नगर निगम चुनाव से पहले एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने वार्ड 17A (वाशी) के आगामी चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने भाजपा उम्मीदवार नीलेश भोजने का नामांकन पत्र खारिज करने वाले चुनाव अधिकारी के आदेश को प्रथम दृष्टया अवैध और शक्तियों का दुरुपयोग करार दिया है।

क्या है पूरा मामला?

भाजपा नेता नीलेश भोजने ने नवी मुंबई महानगरपालिका के वार्ड 17A से अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, 31 दिसंबर 2025 को निर्वाचन अधिकारी ने उनका फॉर्म यह कहते हुए खारिज कर दिया कि भोजने की संपत्ति पर 'अनधिकृत निर्माण' (अवैध निर्माण) हुआ है। निर्वाचन अधिकारी ने इस फैसले के लिए महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) का हवाला दिया था। नीलेश भोजने ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश श्री चन्द्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया।

कोर्ट ने कहा- अधिकारों का गलत इस्तेमाल

मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने निर्वाचन अधिकारी के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। कोर्ट ने कहा कि भोजने का नामांकन पत्र खारिज करना "प्रथम दृष्टया शक्तियों का अवैध और मनमाना प्रयोग" है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में पूरी तरह बाधा डालना अलग बात है, लेकिन किसी विशेष वार्ड में विसंगतियों को देखते हुए हस्तक्षेप करना न्याय के हित में जरूरी है।

धारा 10(1डी) की व्याख्या पर सवाल

भोजने की याचिका में सबसे महत्वपूर्ण दलील कानून की व्याख्या को लेकर दी गई थी। महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) कहती है कि यदि किसी व्यक्ति या उसके आश्रित ने अवैध निर्माण किया है, तो वह पार्षद बनने के लिए अयोग्य होगा। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यह धारा केवल मौजूदा पार्षदों पर लागू होती है, उन उम्मीदवारों पर नहीं जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। हाई कोर्ट ने इस तर्क से सहमति जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देना आवश्यक है क्योंकि यह धारा उनके मामले में लागू नहीं होती।

चुनाव पर अगले आदेश तक रोक

अदालत के अंतरिम आदेश के अनुसार, अब राज्य चुनाव आयोग और नवी मुंबई नगर निगम वार्ड 17A के लिए पार्षद चुनाव की प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। 15 जनवरी को होने वाले मतदान को फिलहाल टाल दिया गया है। कोर्ट इस मामले की अगली विस्तृत सुनवाई शुक्रवार को करेगा, जिसमें नामांकन की वैधता पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।

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