
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और फाइटर जेट।
US Sixth Generation Fighter: अमेरिकी वायुसेना अपने बेड़े में F-47 फाइटर जेट की छठी पीढ़ी के विमान शामिल करने वाला है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इस विमान की तारीफ की। उन्होंने इसे सबसे विनाशकारी विमान बताया। यह विमान पुराने पड़ रहे F-22 रैप्टर की जगह लेगा। इसके बाद अमेरिका हवा में अजेय बन जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बोइंग कंपनी की तरफ से विकसित किया जा रहा F-47 विमान अगली पीढ़ी की हवाई प्रभुत्व (NGAD) प्रोग्राम का हिस्सा है। यह दुनिया का पहला चालक दल वाला छठा जनरेशन विमान होगा।
इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टेल्थ प्लस प्लस तकनीक है। मतलब इसे आज के सबसे आधुनिक रडार नहीं देख पाएंगे। एयर चीफ मार्शल जनरल डेविड ऑलविन के अनुसार यह विमान न केवल रफ्तार में तेज है, बल्कि इसकी मारक क्षमता F-22 की तुलना में 70% ज्यादा है। यह विमान अकेला नहीं उड़ेगा, बल्कि इसके साथ लॉयल विंगमैन कहे जाने वाले कई ऑटोनॉमस ड्रोन भी उड़ेंगे। ये पायलट के एक इशारे पर हमला करेंगे। 1500 मील से अधिक रेंज और मैक 2 से ज्यादा की रफ्तार इसे विश्व का सबसे खतरनाक शिकारी बनाती है।
अदृश्य स्टेल्थ तकनीक: इसका ढांचा एवं सतह पर लगी कोटिंग इसे रडार की नजरों में छोटे पक्षी जैसा दिखाती है। इससे यह दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसकर तबाही मचा सकता है।
AI: विमान में लगा एआई पायलट को युद्ध में फैसले लेने में मदद करेगा। सेंसर के माध्यम से हजारों मील दूर छिपे दुश्मन को पहचान लेगा।
मैंड अनमैंड टीमिंग: F-47 एमदरशिप की तरह काम करेगा। इसके साथ छोटे लड़ाकू ड्रोन उड़ेंगे। ये ड्रोन पायलट की सुरक्षा करेंगे। जरूरत पर फिदायीन हमला भी कर सकेंगे।
लंबी दूरी की मार: यह विमान 1000 नॉटिकल मील से अधिक दूर जाकर वापस आ सकता है। जो अभी किसी भी विमान से बहुत अधिक है।
अपडेट करने में आसान: इसके सॉफ्टवेयर-सेंसर स्मार्टफोन की तरह आसानी से अपडेट हो सकेगा। इससे यह दशकों तक पुराना नहीं होगा।
ट्रंप ने इस विमान के नाम को लेकर संकेत दिया है कि उन्हें यह पसंद नहीं आया तो वे इसे बदल सकते हैं। दरअसल, 47 नंबर 1947 की याद दिलाता है। तब अमेरिकी वायुसेना स्वतंत्र सेना बनी थी। वहीं, यह सेकंड वर्ल्डवार के मशहूर P-47 Thunderbolt को सम्मान देता है, जिसे मजबूती के लिए जाना जाता था। अमेरिकी जनरल विल्सबैक के मुताबिक यह नाम परंपरा और भविष्य की ताकत का मेल है।
6th generation.
F-47
F(6) -47 Boeing is awarded the contract. pic.twitter.com/6lStnj5ExK — Joe Rambo (@RamboAndFrens) March 21, 2025
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F-47 आसमान में उड़ेगा तो सुरक्षा का पूरा समीकरण बदल जाएगा। चीन और रूस जैसे देशों ने जो रडार डिफेंस सिस्टम बनाए हैं, वे इस विमान के सामने अंधे साबित हो सकते हैं। मैक 2 की रफ्तार का मतलब यह विमान पलक झपकते हजारों किलोमीटर दूर हमला कर सकता है। अमेरिकी वायुसेना कम-से-कम 185 ऐसे विमान खरीदने की योजना बना रही। वैसे यह महंगा है, लेकिन मारक क्षमता खर्च को जायज बना देती है।






