ब्रिटेन में उतरे हथियारों से लैस दर्जनों अमेरिकी विमान, अब किस देश पर कार्रवाई की तैयारी में ट्रंप?

US Military Aircraft in Britain: वेनेजुएला के बाद ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य विमानों की तैनाती से यूरोप में तनाव बढ़ा है, जिससे संभावित नई कार्रवाई और अगले निशाने को लेकर अटकलें तेज हुईं।
US Military Aircraft in Britain
अमेरिकी सैन्य विमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Deploys Heavily Armed Military Aircraft in Britain: वेनेजुएला पर कथित अचानक सैन्य कार्रवाई के बाद अब अमेरिका की गतिविधियों ने यूरोप में भी चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारी हथियारों और सैन्य उपकरणों से लैस कई अमेरिकी सैन्य विमान ब्रिटेन के अलग-अलग एयरबेस पर उतरे हैं। इस घटनाक्रम के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका किसी नई सैन्य रणनीति या संभावित कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।  

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 14 C-17 ग्लोबमास्टर III कार्गो विमान और 2 AC-130J ‘घोस्ट राइडर’ गनशिप्स को ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स (RAF) के प्रमुख ठिकानों फैयरफोर्ड (ग्लॉसेस्टरशायर), मिल्डेनहॉल और लेकनहेथ (सफोल्क) पर देखा गया है। C-17 ग्लोबमास्टर एक विशाल सैन्य परिवहन विमान है, जिसका इस्तेमाल लंबी दूरी तक सैनिकों, हथियारों और भारी सैन्य साजो-सामान पहुंचाने के लिए किया जाता है। वहीं AC-130J गनशिप को अत्याधुनिक तोपों, बमों और मिसाइल प्रणालियों से लैस किया जाता है और यह जमीनी लक्ष्यों पर सटीक हमलों के लिए जाना जाता है।

कई ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी मौजूद

इसके अलावा ब्रिटेन के सैन्य हेंगरों में कम से कम पांच MH-60M ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक MH-47G चिनूक हेलीकॉप्टर भी देखे गए हैं। इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल आमतौर पर विशेष सैन्य अभियानों के दौरान सैनिकों और लॉजिस्टिक्स की आवाजाही के लिए किया जाता है। इसी क्रम में मंगलवार को एक अमेरिकी KC-135R स्ट्रैटोटैंकर विमान भी RAF मिल्डेनहॉल में उतरा, जो हवा में ही अन्य विमानों को ईंधन भरने की क्षमता रखता है और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए बेहद अहम माना जाता है।

बड़ी सैन्य कार्रवाई की आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि अमेरिका के जॉर्जिया स्थित हंटर आर्मी एयरफील्ड और केंटकी के फोर्ट कैंपबेल से भी कई विमानों ने उड़ान भरी है। ये विमान उस रेजिमेंट से जुड़े बताए जा रहे हैं जिसे ‘नाइट स्टॉकर्स’ के नाम से जाना जाता है। इस रेजिमेंट की भूमिका वेनेजुएला में हुए कथित अभियान और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के मिशन में अहम मानी जाती है।

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने किया इनकार

हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करने का दावा किया था। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान, ग्रीनलैंड, कोलंबिया, नाइजीरिया सहित कई देशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की धमकियां भी दी हैं। ऐसे में यूरोप में अमेरिकी सैन्य तैनाती ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। हालांकि ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय (MoD) ने किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने या ऑपरेशनल से इनकार किया है।

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