जंग के 3 साल बाद पहली बार आमने-सामने होंगे अमेरिका-रूस-यूक्रेन; अबू धाबी में आज ऐतिहासिक त्रिपक्षीय बैठक

Russia Ukraine War Peace Talks: आज अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच पहली त्रिपक्षीय वार्ता होगी। डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों नेताओं को जल्द समझौता करने की कड़ी चेतावनी दी है।
Three years after the war began, the US, Russia, and Ukraine will meet face-to-face for the first time; a historic trilateral meeting will be held today in Abu Dhabi.
ट्रम्प पुतिन जेलेंस्की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Putin Zelensky Abu Dhabi Meeting:  आज यानी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय वार्ता शुरू होने जा रही है। 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद यह पहला मौका है जब ये तीनों देश एक साथ बैठक करेंगे।

यह दो दिवसीय बैठक युद्ध खत्म करने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है। इस बैठक की नींव गुरुवार को तब रखी गई जब राष्ट्रपति पुतिन के साथ अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशर की मुलाकात हुई।

ट्रम्प का सख्त संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बातचीत से पहले बहुत कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमिर जेलेंस्की इस मौके पर समझौता नहीं करते हैं, तो वे 'मूर्ख' होंगे। ट्रम्प ने हाल ही में दावोस में जेलेंस्की से एक घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की थी, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि पुतिन के लिए उनका संदेश साफ है यूक्रेन युद्ध अब खत्म होना चाहिए। ट्रम्प के अनुसार, शांति समझौता अब 'बहुत करीब' पहुंच गया है।

बैठक के मुख्य मुद्दे और विवाद की जड़

अबू धाबी में प्रस्तावित इस वार्ता में कई पेचीदा और संवेदनशील मुद्दों पर मंथन होना तय है। इस समय रूस यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत भूभाग (करीब 1.14 लाख वर्ग किलोमीटर) पर नियंत्रण बनाए हुए है, जिसमें क्रीमिया और डोनबास जैसे रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं। रूस की मांग है कि यूक्रेन इन इलाकों पर अपने दावे से पीछे हट जाए।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रमुख शर्त यह है कि यूक्रेन भविष्य में कभी भी नाटो का सदस्य न बने। वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सुरक्षा गारंटी को लेकर अडिग हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों का मसौदा तैयार हो चुका है और अब केवल हस्ताक्षर होना बाकी है। इसके अलावा, संभावित युद्धविराम के तहत सैनिकों की वापसी, युद्धबंदियों की अदला-बदली और युद्ध से तबाह यूक्रेन के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है।

युद्ध का भयावह असर

फरवरी 2022 से जारी इस जंग ने भारी तबाही मचाई है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 80 लाख यूक्रेनियन अपना देश छोड़ चुके हैं। ट्रम्प ने कड़ाके की ठंड में बिना हीटिंग और बिजली के रह रहे यूक्रेन के लोगों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि यह स्थिति अब खत्म होनी चाहिए। इस बैठक में रूसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई सैन्य खुफिया निदेशक जनरल इगोर कोस्ट्यूकोव करेंगे।

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