
farm loan waiver (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Farmers Relief: महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने घोषणा की है कि 30 जून 2026 से पहले राज्य के सभी पात्र किसानों को सीधे तौर पर कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा। यह घोषणा उस वादे को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है, जो सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने विधानसभा चुनाव 2024 से पहले किया था। पिछले कई महीनों से किसान संगठनों के आंदोलनों और दबाव के बीच सरकार की ओर से पहली बार कर्जमाफी को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय की गई है।
कृषि मंत्री भरणे ने एक साक्षात्कार में कहा, “किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके साथ मजबूती से खड़ा होना सरकार का कर्तव्य है। इसलिए कर्जमाफी को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और इस संबंध में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जाएंगी।”
कर्जमाफी की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए गठित विशेष समिति की रिपोर्ट का सरकार को इंतजार है। मंत्री ने बताया कि नौ सदस्यीय इस समिति की रिपोर्ट अप्रैल के पहले सप्ताह तक आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिए जाएंगे और जून 2026 की समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार प्रवीण परदेसी हैं।
गौरतलब है कि बीते कुछ समय से प्रहार संघटना के नेता बच्चू कडू समेत विभिन्न किसान नेताओं ने कर्जमाफी की मांग को लेकर जोरदार आंदोलन किए थे। सितंबर 2025 की अतिवृष्टि से हुए भारी नुकसान ने भी किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आंदोलनों के मद्देनजर 30 जून 2026 तक कर्जमाफी का आश्वासन दिया था।
हालांकि किसानों की चिंता अब भी पूरी तरह दूर नहीं हुई है, क्योंकि कर्जमाफी की पात्रता के मानदंड, ऋण की अधिकतम सीमा और लाभार्थियों की संख्या जैसे अहम निर्णय अभी तय नहीं हुए हैं। समिति ने अब तक जिला सहकारी बैंकों से केवल नियमित और डिफॉल्टर किसानों के आंकड़े ही मांगे हैं। इस देरी के कारण किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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अब सभी की निगाहें अप्रैल में आने वाली समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि इसके बाद पात्रता के नियमों और कर्जमाफी की राशि को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने आएंगे। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को राहत मिलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






