कौन हैं बैंकिम ब्रह्मभट्ट, 45 अरब रुपये के घोटाले का लगा आरोप; भारत से जुड़ा है संबंध

Bankim Brahmbhatt: भारतीय मूल के सीईओ बंकिम ब्रह्मभट्ट पर अमेरिकी इनवेस्‍टमेंट कंपनी ब्‍लैकरॉक ने लाखों डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। ब्रह्मभट्ट, ब्रॉडबैड टेलीकॉम और ब्रिजवॉइस के सीईओ हैं।
Bankim Brahmbhatt
बंकिम ब्रह्मभट्ट, (फाइल फोटो)
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Bankim Brahmbhatt Fraud Case: भारतीय मूल के सीईओ बंकिम ब्रह्मभट्ट पर अमेरिकी इनवेस्‍टमेंट कंपनी ब्‍लैकरॉक ने लाखों डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। ब्रह्मभट्ट, ब्रॉडबैड टेलीकॉम और ब्रिजवॉइस के सीईओ हैं। वॉल स्‍ट्रीट जनरल की तरफ से इस धोखाधड़ी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। अखबार ने रिपोर्ट में धोखाधड़ी को एक 'हैरान करने वाला अपराध' करार दिया जा रहा है।

वॉल स्‍ट्रीट जर्नल के अनुसार ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म ब्लैकरॉक की प्राइवेट-क्रेडिट इन्वेस्टिंग विंग और कई बड़ी कंपनियां अब टेलीकॉम एग्जीक्यूटिव ब्रह्मभट्ट की तरफ से अंजाम दिए गए लोन फ्रॉड में गंवाई 500 मिलियन डॉलर से ज्‍यादा की रकम वसूलने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं।

कौन हैं बंकिम ब्रह्मभट्ट?

बैंकिम ब्रह्मभट्ट बैंकाई ग्रुप के संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ हैं। यह अमेरिकी मुख्यालय वाली टेलीकॉम और फिनटेक कंपनी है। साल 1989 में भारत में पुश-बटन टेलीफोन निर्माण यूनिट से बैंकिम ने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उपग्राह, बिलिंग और डिजिटल वित्तयी समाधान जैसे क्षेत्रों से बिजनेस का विस्तार किया। उनका प्रमुख उत्पाद MobiFin Elite कई अफ्रीकी देशों में डिजिटल वित्तीय सेवाएं देता है। बंकिम ब्रह्मभट्ट की वेबसाइट के अनुसार, उनके व्यवसाय दुनिया भर के अन्य दूरसंचार ऑपरेटरों को बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी समाधान प्रदान करते हैं। WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही तक, ब्रह्मभट्ट के कार्यालय गार्डन सिटी, न्यूयॉर्क में थे।

हेराफेरी में इनवॉइस की मदद

वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैकरॉक के एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स समेत लेंडर्स ने ब्रह्मभट्ट पर बड़े लोन के लिए कोलैटरल के तौर पर रखे गए इनवॉइस और अकाउंट्स रिसीवेबल में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। अगस्त में अमेरिका में दायर केस में आरोप लगाया गया कि ब्रह्मभट्ट की कंपनियों के नेटवर्क ने कागजों पर कंपनियों की वित्तीय स्थिति को बेहतर दिखाया और फिर पैसा ऑफशोर करके भारत और मॉरिशस ले गए।

रिपोर्ट के अनुसार लेंडर्स की तरफ से दायर मुकदमे में दावा किया गया है कि ब्रह्मभट्ट की कंपनियों पर 500 मिलियन डॉलर से ज्‍यादा का बकाया है। फ्रेंच मल्टीनेशनल बैंक बीएनपी पारिबा ने एचपीएस की तरफ से ब्रह्मभट्ट की एंटिटीज को दिए गए लोन को फाइनेंस करने में मदद की थी।

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