
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Rabies Prevention: छत्रपति संभाजीनगर रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनपा के पशुसंवर्धन विभाग व महाराष्ट्र हिंदी विद्यालय की ओर से ‘मिशन रेबीज’ के अंतर्गत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पालतू व आवारा पशुओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य से उनके गहरे संबंधों की जानकारी दी गई। शहागंज स्थित महाराष्ट्र हिंदी विद्यालय क्षेत्र में कार्यक्रम में पशुसंवर्धन विशेषज्ञ आकाश बेडवाल ने विद्यार्थियों, शिक्षकों व उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुएठन्होंने पालतू जानवरों के नियमित टीकाकरण की जरूरत व उसके वैज्ञानिक महत्व को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि पशुओं के लिए संतुलित व पौष्टिक आहार, स्वच्छ पीने का पानी व सुरक्षित व साफ आवास कितना जरूरी है।
यही नहीं, रेबीज रोग कैसे फैलता है। इसकी प्रकृति क्या है व पशुओं में दिखाई देने वाले संभावित लक्षण जैसे अचानक चिड़चिड़ापन, आक्रामक व्यवहार, मुंह से लार गिरना, भोजन-पानी न लेने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
विशेष रूप से कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत किए जाने वाले उपायों पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि घाव को तुरंत – साबुन व साफ पानी से अच्छी तरह धोकर बिना समय गंवाए नजदीको सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर उपचार व आवश्यक टीके लगवाना बेहद जरूरी है। यही नहीं, कुत्ते के काटने से बचाव के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
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अनजान या उत्तेजित पशुओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, पशुओं को न छेड़ने, आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण व नसबंदी कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित किया गया। ने कहा कि’ मिशन रेबीज’ जैसे अभियानों से समाज में रेबीज के प्रति जागरूकता बढ़ेगी व भविष्य में रेबीज मुक्त – समाज के निर्माण को गति मिलेगी।






