

Gaza ceasefire: डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव के ऐलान के बाद गाजा में शांति स्थापित करने की दिशा में अहम प्रगति के संकेत दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि बंधकों की रिहाई की संभावना एक सकारात्मक कदम है। अपने संदेश में पीएम मोदी ने लिखा कि गाजा में शांति बहाली की कोशिशें निर्णायक मोड़ पर हैं और हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने पोस्ट करते हुए कहा कि बंधकों की रिहाई की संभावना एक अहम कदम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत स्थायी और न्यायपूर्ण शांति स्थापित करने के हर प्रयास का दृढ़ता से साथ देता रहेगा। ट्रंप की इस पहल की तारीफ कई अन्य वैश्विक नेताओं ने भी की है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने भी ट्रंप की शांति योजना का समर्थन किया है। उनका कहना था कि ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हुई प्रगति का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि हमास तुरंत हथियार डालकर बाकी बंधकों को आज ही रिहा करे। ऑस्ट्रेलिया अपने सहयोगियों के साथ मिलकर युद्ध समाप्त करने और एक न्यायसंगत व टिकाऊ समाधान की दिशा में काम करना जारी रखेगा।
शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि हमास अब स्थायी शांति पर सहमत है। उन्होंने पहली बार खुले मंच से इजरायल से गाजा पर हमले रोकने की अपील की। हमास ने इस शांति योजना के कुछ पहलुओं को स्वीकार किया है, हालांकि कुछ बिंदुओं पर असहमति जताते हुए आगे बातचीत की जरूरत बताई है।
संगठन का कहना है कि वह शेष 48 बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है। योजना के मुताबिक, स्थायी युद्धविराम लागू होने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधक छोड़ दिए जाएंगे। इसके बदले में इजरायल को 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना होगा, मारे गए गाजावासियों के शव लौटाने होंगे और गाजा से पहले चरण में अपनी सेनाएं हटानी होंगी।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने शनिवार देर रात बयान जारी करते हुए कहा कि इजरायल ट्रंप की योजना के पहले चरण को लागू करने के लिए तैयार है। इसमें सबसे अहम बिंदु सभी बंधकों की रिहाई है।