चीन ने चला ऐसा दांव कि हिल गए डोनाल्ड ट्रंप, अब जल्द करेंगे शी जिनपिंग से मुलाकात

Trump China Policy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन इस कदम के जरिए अमेरिका पर बातचीत में दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शी जिनपिंग के साथ होने वाली...
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डोनाल्ड ट्रंप जल्द करेंगे शी जिनपिंग से मुलाकात, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US China Trade Tensions: ट्रंप द्वारा लगाई गई टैरिफ से अब खुद अमेरिका परेशान है। इसी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि यह बैठक अगले चार हफ्तों के भीतर होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान सोयाबीन व्यापार पर विशेष रूप से चर्चा होगी। दरअसल, पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी तनाव बढ़ता जा रहा है।

वॉशिंगटन ने चीनी सामान पर आयात शुल्क 145% तक बढ़ा दिया था। इसके जवाब में बीजिंग ने भी काउंटर-टैरिफ और एक्सपोर्ट कंट्रोल लागू किए। हालांकि मई में हुई वार्ता के बाद हालात कुछ नरम पड़े और अमेरिका ने अधिकतर शुल्क घटाकर 30% कर दिए। फिलहाल अमेरिकी टैरिफ लगभग 55% के आसपास है।

अमेरिकी किसानों को भारी घाटा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि चीन द्वारा अमेरिकी सोयाबीन की खरीद रोकने से अमेरिकी किसानों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। ट्रंप का कहना है कि चीन जानबूझकर इस कदम का इस्तेमाल बातचीत में दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर कर रहा है।

बाइडन व्यापार समझौते को लागू करने में नाकाम

डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर निशाना साधते हुए कहा कि बाइडन उस व्यापार समझौते को लागू करने में नाकाम रहे, जिसके तहत चीन को अरबों डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने थे। ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि उनकी शी जिनपिंग के साथ होने वाली मुलाकात में सोयाबीन और अन्य फसलों पर मुख्य रूप से चर्चा होगी। किसानों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और वह कभी अपने किसानों को निराश नहीं करेंगे।

चीन, अमेरिका से नहीं खरीद रहा सोयाबीन

इधर, बीजिंग ने अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीदारी कम कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल से अब तक चीन ने अमेरिका से सोयाबीन की एक भी खेप नहीं खरीदी है। वहीं अमेरिकी प्रशासन ने 55% टैरिफ दर को “जैसा है वैसा रहने” वाला फैसला बताया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने कहा कि यह दर अमेरिका के हित में है और राष्ट्रपति ट्रंप मौजूदा हालात को बीजिंग के साथ बनी ‘डील’ मानते हैं।

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