ईरान में फिर मंडरा रहा खतरा! अमेरिका-इजरायल ने कर ली तैयारी, क्या फिर दहलेगा मिडिल ईस्ट?

Middle East tension: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। जून 2025 के हमले के चार महीने बाद अमेरिका और इज़रायल फिर से ईरान पर हमला करने की संभावना तलाश रहे हैं।
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ईरान में फिर मंडरा रहा खतरा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Iran Conflict: पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ता दिख रहा है। जून 2025 के हमले के चार महीने बाद अमेरिका और इज़रायल फिर से ईरान पर हमला कर सकते है। हाल की घटनाओं और कूटनीतिक गतिविधियों से कई ऐसे संकेत मिले हैं, जो इस संभावित कार्रवाई की ओर इशारा करते हैं।

ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अराघाची ने यूरोपीय देशों की मदद से यूरेनियम संवर्धन के मसले को हल करने की कोशिश की। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ से बैठक का अनुरोध किया, लेकिन विटकॉफ ने साफ तौर पर मना कर दिया। उन्होंने कहा कि तब तक कोई वार्ता नहीं होगी जब तक ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह नहीं रोक देता। इसके अलावा, अमेरिका ने मिसाइल निर्माण पर रोक की भी मांग रखी, जिसने ईरान को आश्चर्यचकित कर दिया।

अमेरिका की सैन्य तैयारी में बढ़ोतरी

अमेरिका ने अपने रणनीतिक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमानों को फिर से मध्य पूर्व में तैनात कर दिया है। ये वही विमान हैं जिनका इस्तेमाल पिछले हमलों से पहले किया गया था। इसके साथ ही B-2 बॉम्बर भी अलर्ट मोड में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैयारियां किसी संभावित सैन्य कार्रवाई का संकेत हैं।

इजरायल को मिला ईरान के यूरेनियम का सुराग

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में बताया कि उनके पास जानकारी है कि ईरान ने संवर्धित यूरेनियम कहाँ छिपाया है। विश्लेषकों का कहना है कि इस जानकारी के आधार पर इजरायल किसी भी समय कार्रवाई कर सकता है। ईरान के पास लगभग 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिससे लगभग 10 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।

तेहरान को राजधानी से हटाने की योजना

ईरान के राष्ट्रपति ने हाल ही में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें राजधानी तेहरान को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की सिफारिश की गई है। आधिकारिक कारण पानी की कमी बताया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि असली वजह संभावित हमलों और सुरक्षा खतरों को देखते हुए यह कदम उठाना है।

खामेनेई के खिलाफ विपक्षी फिर सक्रिय

ईरान के पूर्व शासक मोहम्मद रेजा शाह पहेलवी ने फिर से सत्ता परिवर्तन की कोशिशें तेज कर दी हैं। वे अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ संपर्क में हैं, ताकि खामेनेई को सत्ता से हटाकर खुद वापसी कर सकें। इस रणनीति में इज़रायल भी उनका समर्थन कर रहा है। इससे ईरान की राजनीतिक अस्थिरता और भी स्पष्ट होती दिख रही है।

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