
अयातुल्ला अली खामेनेई और डोनाल्ड ट्रम्प (सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump Iran military strike audio: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया ऑडियो लीक ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाओं को एक बार फिर से तेज कर दिया है। इस रिकॉर्डिंग में ट्रंप को ईरान की ओर बढ़ रहे एक विशाल सैन्य बेड़े और एक शक्तिशाली फौज के बारे में चर्चा करते हुए सुना जा सकता है। हालांकि ट्रंप ने अब तक किसी आधिकारिक सैन्य प्रहार की पुष्टि नहीं की है, लेकिन युद्धपोतों की तैनाती जारी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ईरान के भीतर मानवाधिकारों और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर तनाव पहले से ही चरम पर है।
एयर फ़ोर्स वन से सामने आए इस नए ऑडियो में राष्ट्रपति ट्रंप पत्रकारों से ईरान की ओर बढ़ रहे एक बहुत बड़े अमेरिकी सैन्य बेड़े के बारे में बात कर रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से ‘एक आर्मी’ और ‘विशाल सेना’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है जो वर्तमान में ईरान की दिशा में आगे बढ़ रही है। रॉयटर्स के अनुसार, यह टिप्पणी उस समय आई है जब अमेरिकी युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप जल्द ही मिडिल ईस्ट पहुंचने वाले हैं।
ट्रंप ने इस बातचीत के दौरान उम्मीद जताई है कि ईरान के खिलाफ बल का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन सैन्य तैयारियां पूरी मजबूती से जारी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन स्थिति पर बहुत करीब से नज़र रख रहा है और एक शक्तिशाली नौसेना पहले से ही अपनी रणनीतिक स्थिति ले रही है। ट्रंप के अनुसार, भविष्य का कोई भी फैसला ईरान की आने वाली कार्रवाइयों और उसके व्यवहार पर निर्भर करेगा।
इजराइली मीडिया आउटलेट N12 ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर मिडिल ईस्ट में अपनी पूरी सैन्य तैनाती की प्रक्रिया को समाप्त कर लेगा। एक बार यह तैनाती पूरी हो जाने के बाद, ईरान पर किसी भी संभावित हमले का फैसला पूरी तरह से राजनीतिक इच्छाशक्ति और सही समय पर निर्भर होगा। हालांकि इजरायल को अभी तक यह पुख्ता जानकारी नहीं है कि ट्रंप ने हमले को लेकर कोई अंतिम फैसला लिया है।
ईरान के भीतर चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों को दी जाने वाली मौत की सजा के कारण अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही बहुत कड़ा तनाव है। ट्रंप ने पूर्व में दावा किया था कि उन्होंने हमला इसलिए रोका क्योंकि ईरान ने कई प्रदर्शनकारियों की मौत की सजा रद्द करने का कथित फैसला लिया था। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर फांसी की सजा फिर से शुरू होती है, तो भविष्य में सैन्य कार्रवाई की पूरी संभावना है।
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विभिन्न मानवाधिकार समूहों का दावा है कि दिसंबर के अंत से शुरू हुई अशांति में ईरान के भीतर अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि ईरानी अधिकारी इन भारी आंकड़ों को सिरे से नकारते रहे हैं, लेकिन ट्रंप ने तेहरान को नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग न करने की बार-बार चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने मानवाधिकारों की इन चिंताओं को सीधे तौर पर अपने सैन्य और रणनीतिक फैसलों से जोड़कर पेश किया है।
आने वाले दिनों में जब अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मध्य पूर्व पहुंचेगा, तब इस क्षेत्र की सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिति और भी अधिक संवेदनशील हो सकती है। दुनिया भर के विशेषज्ञ इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या ट्रंप ईरान पर हमले पर लगी रोक को हटाकर कोई बड़ा सैन्य कदम उठाएंगे। वर्तमान में पूरी स्थिति अमेरिका की सैन्य तैयारियों और ईरान के कूटनीतिक जवाब के बीच एक बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी है।
Ans: ट्रंप ने ईरान की ओर बढ़ रहे एक विशाल बेड़े, एक आर्मी और एक अत्यंत शक्तिशाली सैन्य टुकड़ी के बारे में पत्रकारों से चर्चा की है।
Ans: नहीं, ट्रंप ने अभी तक किसी सैन्य हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि वे बल प्रयोग न होने की उम्मीद करते हैं।
Ans: इजराइली आउटलेट N12 के अनुसार, सैन्य तैनाती पूरी होने के बाद ईरान पर हमला केवल राजनीतिक फैसले और समय की बात रह जाएगी।
Ans: ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों की मौत की सजा रद्द करने के कथित फैसले के कारण उन्होंने सैन्य प्रहार को रोक दिया था।
Ans: मुख्य कारण वहां दिसंबर से जारी बड़े विरोध प्रदर्शन, हजारों लोगों की मौत का दावा और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों को दी जा रही मौत की सजा है।






