महिला सुरक्षा पर उठे सवाल: बुलढाणा में 24 घंटे के भीतर 7 महिलाएं लापता, 93 हजार के बाद भी नहीं थमा सिलसिला

Buldhana 7 Women Missing 24 Hours: बुलढाणा में 24 घंटे के भीतर 6 लड़कियां और 1 विवाहिता लापता हो गई हैं। राज्य में पिछले 2 साल में 93 हजार से ज्यादा महिलाएं गायब हो चुकी हैं।
Buldhana 7 Women Missing 24 Hours
Buldhana 7 Women Missing 24 Hours प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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Maharashtra Missing Girls Report: महाराष्ट्र में महिलाओं और लड़कियों के लापता होने की बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विधानसभा में हाल ही में पेश किए गए आंकड़ों ने पहले ही राज्य को झकझोर कर रख दिया था, और अब बुलढाणा जिले से आई एक खबर ने सनसनी फैला दी है। बुलढाणा में पिछले 24 घंटों के भीतर 7 महिलाएं रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई हैं। इनमें 6 कम उम्र की लड़कियां और एक विवाहित महिला शामिल है। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के गायब होने से पूरे जिले में दहशत का माहौल है और अभिभावकों में अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर गहरा डर बैठ गया है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए थे। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 2 वर्षों में महाराष्ट्र से 93,000 से ज्यादा महिलाएं लापता हुई थीं। बुलढाणा की इस ताजा घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब सड़कों पर उतरकर पुलिस से ठोस कार्रवाई और लापता महिलाओं की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।

24 घंटे में 6 लड़कियां और 1 विवाहिता गायब

बुलढाणा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से महिलाएं लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि गायब होने वाली 7 महिलाओं में से 6 लड़कियां हैं, जिनकी उम्र काफी कम बताई जा रही है। वहीं एक विवाहित महिला का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित की हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। हालांकि, अब तक किसी भी अपहरणकर्ता या किसी संदिग्ध गिरोह का सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है, जिससे नागरिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

विधानसभा में गूंज चुका है लापता महिलाओं का मुद्दा

महाराष्ट्र विधानसभा के हालिया सत्र में विपक्षी दलों ने महिलाओं के गायब होने के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार किया था कि राज्य में हर दिन औसतन बड़ी संख्या में महिलाएं लापता हो रही हैं। हालांकि सरकार ने दावा किया था कि इनमें से कई महिलाओं को सुरक्षित वापस भी लाया गया है, लेकिन बुलढाणा जैसी घटनाएं बताती हैं कि स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर है। मानव तस्करी (Human Trafficking) के बढ़ते जाल को भी इन लापता होने की घटनाओं के पीछे एक बड़ी वजह माना जा रहा है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।

दहशत में अभिभावक और पुलिस की चुनौतियां

बुलढाणा की इस घटना के बाद से शहर और ग्रामीण इलाकों के स्कूलों व कॉलेजों के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। अभिभावक अपनी बेटियों को अकेले बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि गायब हुई महिलाएं अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आती हैं, जिससे किसी एक पैटर्न को पकड़ पाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में लापता महिलाओं का पता नहीं चला, तो वे जिला कलेक्ट्रेट के सामने तीव्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन्स के जरिए सुराग जुटाने में लगी है।

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