

Putin Threatens Ukraine-Europe: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने एक बार फिर पश्चिमी देशों और यूक्रेन को सख्त संदेश दिया है। रक्षा मंत्रालय की विस्तारित बोर्ड बैठक में पुतिन ने कहा कि रूस के विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्य हर हाल में पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने साफ शब्दों में चेताया कि यदि यूक्रेन और उसके विदेशी संरक्षक विशेष रूप से यूरोपीय देश, गंभीर और सार्थक वार्ता से इनकार करते हैं तो रूस अपनी ऐतिहासिक जमीनों को सैन्य माध्यम से मुक्त करेगा।
पुतिन ने कहा कि रूस संघर्ष की जड़ों को कूटनीति के जरिए खत्म करना चाहता है लेकिन यह रास्ता तभी संभव है जब सामने वाला पक्ष ईमानदारी से बातचीत करे। उनके अनुसार, यदि वार्ता का रास्ता बंद किया गया, तो रूस के पास सैन्य विकल्प के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। पुतिन की इस चेतावनी के बाद यूक्रेन से लेकर यूरोप तक राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।
अपने संबोधन में पुतिन ने दावा किया कि रूसी सेना पूरे मोर्चे पर रणनीतिक पहल बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के दौरान 300 से अधिक बस्तियों को मुक्त किया गया है। पुतिन ने यह भी कहा कि यूक्रेन के पीछे पूरा नाटो खड़ा है इसके बावजूद रूसी सैनिक पश्चिमी देशों द्वारा प्रशिक्षित यूक्रेनी इकाइयों को लगातार पीछे धकेल रहे हैं।
राष्ट्रपति ने यूक्रेन में सुरक्षा बफर जोन बनाने और उसके विस्तार की योजनाओं का भी जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने यूरोप में रूस से संभावित टकराव की चर्चाओं को फर्जी हिस्टीरिया करार दिया। पुतिन के मुताबिक, पश्चिमी यूरोप के लोगों को जानबूझकर रूस के साथ अपरिहार्य युद्ध की बात कहकर डराया जा रहा है और बड़ी जंग की तैयारी का माहौल बनाया जा रहा है।
पुतिन ने नाटो देशों पर आरोप लगाया कि वे अपनी आक्रामक सैन्य क्षमताओं का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण कर रहे हैं, यहां तक कि अंतरिक्ष में भी नए हथियार तैनात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ यूरोपीय नेता जिम्मेदारी की भावना भूल चुके हैं और अपने देशों के हितों के बजाय निजी और कुलीन वर्ग के हितों की सेवा कर रहे हैं।
इस बीच, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुतिन ने यूरोपियनों को 'छोटे सूअर' कहकर संबोधित किया। एनईएक्सटीए टीवी के अनुसार, पुतिन ने कहा कि पश्चिम रूस के कमजोर होने से लाभ उठाना चाहता है और ऐतिहासिक रूप से जो कुछ उसने खोया है, उसे वापस पाने की कोशिश कर रहा है। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं कुछ इसे रूस की आक्रामक नीति का संकेत बता रहे हैं तो कुछ इसे पश्चिम के लिए सीधी चेतावनी मान रहे हैं