व्हाइट हाउस में बॉलरूम या बंकर! ट्रंप के इस प्रोजेक्ट पर क्यों गहराया शक... आखिर क्या छुपा रहा US?

Trump Bunker News: व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग में हो रहे निर्माण को आधिकारिक तौर पर बॉलरूम का नाम दिया जा रहा है, लेकिन सरकारी बयानों, अदालत से जुड़े दस्तावेजों और विभिन्न रिपोर्टों से इशारा मिलता है...
Ballroom or bunker at the White House! Why is suspicion growing over Trump's project? What is the US hiding?
व्हाइट हाउस में बॉलरूम या बंकर, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
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White House East Wing Construction: व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग में चल रहे बड़े पैमाने के कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को लेकर दुनियाभर में बहस छिड़ गई है। आधिकारिक तौर पर ट्रंप प्रशासन इसे एक अत्याधुनिक और विशाल बॉलरूम के निर्माण से जोड़कर देख रहा है लेकिन इससे जुड़े बयानों, कोर्ट फाइलिंग्स और मीडिया रिपोर्ट्स ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कई विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ बॉलरूम तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे सुरक्षा से जुड़ा कहीं ज्यादा बड़ा उद्देश्य छिपा हो सकता है।

सार्वजनिक नहीं की गई सारी जानकारी?

इस पूरे मामले में पहला बड़ा संकेत व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स के बयान से मिला। उन्होंने बॉलरूम प्रोजेक्ट को पूरी तरह सही और जरूरी बताते हुए कहा कि फिलहाल इसकी सारी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सूसी विल्स के मुताबिक, जब लोगों को इस परियोजना की पूरी तस्वीर समझ आएगी तब वे खुद मानेंगे कि यह फैसला क्यों जरूरी था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बिना किसी ठोस वजह के इतने बड़े और संवेदनशील फैसले नहीं लेते। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि ईस्ट विंग में हो रहा निर्माण सिर्फ एक समारोह स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ अहम रणनीतिक कारण भी हो सकते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा प्रोजेक्ट

दूसरा अहम संकेत ट्रंप प्रशासन की ओर से कोर्ट में दी गई दलीलों से सामने आया है। दरअसल, एक संस्था ने व्हाइट हाउस में बॉलरूम निर्माण को रोकने के लिए अदालत में याचिका दाखिल की थी। इसके जवाब में ट्रंप सरकार ने स्पष्ट कहा कि यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसे किसी भी हालत में रोका नहीं जा सकता। प्रशासन ने अदालत को बताया कि यूएस सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईस्ट विंग वाली जगह पर अतिरिक्त और गहन निर्माण कार्य जरूरी है। यहां तक कहा गया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो जज को बंद कमरे में गोपनीय जानकारी भी साझा की जा सकती है।

जमीन के नीचे चल रहा है काम

कोर्ट दस्तावेजों में यह भी खुलासा हुआ है कि जमीन के नीचे निर्माण कार्य पहले से चल रहा है। जनवरी से नींव का काम शुरू होने की बात कही गई है जबकि ऊपर का निर्माण अप्रैल 2026 से पहले शुरू नहीं होगा। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि अंडरग्राउंड स्तर पर बड़े बदलाव और संरचनात्मक अपग्रेड किए जा रहे हैं।

तीसरा और सबसे मजबूत संकेत मीडिया रिपोर्ट्स से आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईस्ट विंग के नीचे बने प्रेसिडेंशियल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (PEOC) को अपग्रेड किया जा रहा है। यही वह बंकर है, जहां आपात स्थिति में राष्ट्रपति और शीर्ष अधिकारी शरण लेते हैं। सूत्रों का दावा है कि इस बंकर को पहले से ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक बनाया जा रहा है, हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

डोनाल्ड ट्रंप खुद दे चुके हैं संकेत

खुद डोनाल्ड ट्रंप यह कह चुके हैं कि करीब 300 मिलियन डॉलर (लगभग 2,711 करोड़ रुपये) की लागत से 90 हजार स्क्वायर फीट का नया बॉलरूम बनाने के लिए ईस्ट विंग को पूरी तरह गिराना जरूरी था।

आलोचकों का कहना है कि इससे व्हाइट हाउस की ऐतिहासिक पहचान को नुकसान पहुंचेगा लेकिन ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह फैसला सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। ऐसे में सवाल यही है क्या यह सिर्फ बॉलरूम है या दुनिया का सबसे सुरक्षित बंकर?

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