ट्रंप से मिलना पुतिन को पड़ा भारी... चुकाने पड़े 2.2 करोड़ रूपये कैश, US ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Trump Putin Alaska Summit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि अमेरिका के लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से पुतिन के प्रतिनिधिमंडल को अपने विमानों में ईंधन भरवाने के लिए नकद भुगतान करना पड़ा।
ट्रंप से मिलना पुतिन को पड़ा भारी... चुकाने पड़े 2.2 करोड़ रूपये कैश, US ने किया चौंकाने वाला खुलासा
ट्रंप- पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Putin Alaska Meeting: पिछले शुक्रवार को अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अहम बैठक हुई। इस मुलाकात के बाद जब पुतिन अपने देश लौटने लगे, तो उनके विमानों में ईंधन भरवाने के लिए नकद भुगतान करना पड़ा। बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि पुतिन ने अपने तीन विमानों में ईंधन भरवाने के लिए करीब 2.5 लाख डॉलर (लगभग 2.2 करोड़ रुपये) नकद चुकाए।

15 अगस्त को जब पुतिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अहम बैठक के लिए अलास्का पहुंचे, तो उनका स्वागत पूरे शाही अंदाज़ में रेड कारपेट बिछाकर किया गया। लेकिन, रुबियो के अनुसार, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से उनके प्रतिनिधिमंडल को विमानों में ईंधन भरवाने के लिए नकद में भुगतान करना पड़ा।

इसलिए देना पड़ा कैश

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एनबीसी से बातचीत में खुलासा किया कि रूसी अधिकारियों का अलास्का पहुंचने का मकसद केवल अपने विमानों में ईंधन भरवाना था। लेकिन अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम उनके लिए बंद होने के कारण, उन्हें भुगतान नकद में करने की पेशकश करनी पड़ी।

रुबियो ने कहा कि जिस दिन से रूस पर प्रतिबंध लगाए गए, वे अब भी पूरी तरह लागू हैं और उनका असर लगातार महसूस किया जा रहा है। रूस इन प्रतिबंधों की मार हर दिन झेल रहा है, लेकिन इससे युद्ध की दिशा नहीं बदली। इसका यह मतलब नहीं कि प्रतिबंध बेकार थे, बल्कि यह कि उन्होंने युद्ध के नतीजे को प्रभावित नहीं किया।

बैठक के दौरान किसी तरह का समझौता नहीं

मार्को रुबियो ने बताया कि पुतिन का प्रतिनिधिमंडल अलास्का में करीब पांच घंटे रुका और संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस खत्म होते ही वहां से रवाना हो गया। ट्रंप ने भी साफ किया कि बैठक के दौरान किसी तरह का समझौता नहीं हुआ। हालांकि रिपोर्टों में दावा है कि रूस की तरफ से एक प्रस्ताव अब भी चर्चा के लिए मौजूद था और ट्रंप, यूक्रेन को उस पर गौर करने के लिए प्रेरित करते दिखे।

अमेरिका रूस पर युद्धविराम के लिए दबाव डालने के लिए ज्यादा प्रतिबंध क्यों नहीं लगा रहा, इस पर रुबियो ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि नए प्रतिबंध पुतिन को ऐसा करने के लिए मजबूर कर पाएंगे।

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