दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर लेकर ईरान के दरवाजे पर खड़ा US...फिर जनरल डैन को सता रहा किस बात का डर?

US-Iran Conflict: अमेरिकी वरिष्ठ सलाहकार चाहते हैं कि ईरान पर हमला करने से पहले इजरायल कदम उठाए। जनरल डैन केन संभावित नुकसान और सैनिकों के घायल होने की आशंका को लेकर चिंतित हैं।
US Attack in Iran
अमेरिकी जनरल डैन केन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Attack in Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ वरिष्ठ सलाहकार यह सोच रहे हैं कि अगर ईरान पर हमला करना हो तो सबसे पहले इजरायल को कदम उठाना चाहिए, उसके बाद अमेरिका कार्रवाई करे। उनके मुताबिक, अगर इजरायल पहले हमला करता है, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा, जिससे अमेरिकी जनता के बीच ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन बढ़ सकता है। 

यह भी विचार किया जा रहा है कि अगर इजरायल अकेले पहले हमला करता है और ईरान जवाब में अमेरिका को निशाना बनाता है, तो अमेरिका के पास कार्रवाई के और कारण होंगे। इस दावे के पक्ष में इजरायल में हाल ही में 12 एफ-22 लड़ाकू विमानों के लैंड होने की खबर भी आ चुकी है। वहीं, स्रोतों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर संयुक्त सैन्य अभियान भी चला सकते हैं, चाहे इजरायल पहले हमला करे या नहीं।

ईरान पर हमले से चिंतित हैं जनरल डैन

पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई का पैमाना अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, अगर अमेरिकी हथियारों का भंडार कम हुआ, तो चीन ताइवान पर हमले की कोशिश कर सकता है। अमेरिकी जनरल डैन केन के माथे पर चिंता के निशान हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल केन ईरान पर संभावित हमलों के विकल्प तैयार कर रहे हैं, लेकिन वे इसके पैमाने, जटिलता और अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की आशंका को लेकर चिंतित हैं। जनरल डैन राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सीधे टकराव से बचते हुए संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। सीएनएन के मुताबिक, जनरल केन ने सेना, नौसेना और वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं। पेंटागन की आंतरिक चर्चाओं में उन्होंने बड़े हमले के संभावित नुकसान और राजनीतिक जोखिम पर भी चिंता जताई।

इराक युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा

मध्य पूर्व में अमेरिका ने इराक युद्ध के बाद अब तक का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा किया है। इसी बीच अमेरिका और ईरान जिनेवा में परमाणु वार्ता फिर शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, अमेरिका ने पहली बार एफ-22 विमानों को इजरायल भेजा है, ताकि संभावित ईरानी जवाबी हमले से इजरायल और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों की सुरक्षा की जा सके।

पूरी ताकत से जवाब देगा ईरान

स्थिति फिलहाल बेहद संवेदनशील है। एक सूत्र ने चेतावनी दी कि अगर ईरान में बड़े स्तर का हमला किया गया, तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा। अमेरिका की कई मध्य पूर्व सैन्य संपत्तियां संभावित निशाने पर हैं, जो इजरायल की आयरन डोम जैसी सुरक्षा प्रणाली से सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए सैनिकों और राजनीतिक जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।

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