
पाकिस्तान में इमिग्रेशन फ्रॉड का खुलासा (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan Government corruption scandal: इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने एक बड़े इमिग्रेशन फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। इस मामले में फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) के एक वरिष्ठ अधिकारी की कथित संलिप्तता सामने आई है। आरोप है कि सरकारी प्रभाव का उपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों को फ्रांस भेजने की कोशिश की गई। यह घटना पाकिस्तान की संस्थागत कमजोरियों और सरकारी पद के दुरुपयोग को पूरी तरह से उजागर करती है।
इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर जांच के दौरान FIA ने फ्रांस जाने की कोशिश कर रहे दो संदिग्धों को पकड़ा। इन संदिग्धों के पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं जिन्होंने इमिग्रेशन फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। यह मामला केवल एक सामान्य गिरफ्तारी नहीं बल्कि सरकारी भ्रष्टाचार के गहरे और खतरनाक गठजोड़ का प्रमाण है।
जांच में फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के एक वरिष्ठ कर अधिकारी की इस रैकेट में संदिग्ध भूमिका मिली है। आरोप है कि इस अधिकारी ने अपने पद का इस्तेमाल कर संदिग्धों को फर्जी फ्रांसीसी विजिट वीजा दिलवाया था। संदिग्धों ने खुद को FBR कर्मचारी बताकर सुरक्षा जांच और कानूनी प्रक्रियाओं को चकमा देने का प्रयास किया।
संदिग्धों ने जांच के दौरान FBR के आधिकारिक दिखने वाले कुछ फर्जी ईमेल संवाद अधिकारियों को दिखाए थे। इन ईमेल में यूरोपीय संसद की यात्रा और वहां होने वाली बैठकों का पूरी तरह झूठा उल्लेख किया गया था। यह पूरी साजिश पाकिस्तानी अधिकारियों और विदेशी दूतावासों की कड़ी जांच से बचने के लिए रची गई थी।
पूछताछ के दौरान संदिग्ध न तो रोजगार का प्रमाण दे सके और न ही कोई आधिकारिक यात्रा अनुमति। उनकी यात्रा योजना में पेरिस पहुंचने के बाद उसी दिन बार्सिलोना जाने का कार्यक्रम भी पाया गया था। अधिकारियों का मानना है कि उनका मुख्य इरादा किसी तरह यूरोप पहुंचकर वहां शरण मांगना ही था।
विजिट वीजा का अवैध प्रवासन के लिए बार-बार दुरुपयोग पाकिस्तान की वैश्विक छवि को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। इससे कानूनी प्रक्रिया का पालन करने वाले ईमानदार नागरिकों के लिए विदेश यात्रा और अधिक जटिल हो गई है। बिजनेस रिकॉर्डर के अनुसार ऐसी घटनाएं देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का बड़ा कारण बनती हैं।
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पकड़े गए संदिग्धों के मोबाइल फोन विश्लेषण से बिचौलियों के साथ उनके लगातार संपर्क के प्रमाण मिले हैं। बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन इस संगठित वीज़ा फ्रॉड सिंडिकेट की स्पष्ट पुष्टि करते हैं। यह कोई अकेली घटना नहीं बल्कि मुनाफा कमाने वाला एक बहुत बड़ा और संगठित आपराधिक नेटवर्क है।
अगर ये आरोप सिद्ध होते हैं तो यह पाकिस्तान के आंतरिक निगरानी तंत्र की एक बहुत बड़ी विफलता होगी। एक सरकारी अधिकारी ने बिना किसी डर के लंबे समय तक इन अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। यह पूरा मामला प्रशासन में जवाबदेही तय करने और सुरक्षा सुधारों की तत्काल आवश्यकता की ओर इशारा करता है।






