क्या यूक्रेन को भूल गया अमेरिका? जेलेंस्की को सता रहा मिसाइलों की कमी का डर, बताया पुतिन का 'घातक प्लान'

Ukraine Missile Shortage: यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण यूक्रेन को मिसाइलों की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है।
Will America Forget Ukraine? Zelenskyy Haunted by Fears of Missile Shortages; Reveals Putin's Plan
वोलोदिमीर जेलेंस्की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Middle East War Impact On Ukraine: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के कारण यूक्रेन को उन मिसाइलों की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिनका उपयोग वह रूस के खिलाफ अपनी रक्षा के लिए कर रहा है। बीबीसी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी कि यदि मध्य पूर्व का संकट लंबा खिंचता है, तो इसके गंभीर परिणाम यूक्रेन की सैन्य क्षमता पर पड़ेंगे।

पुतिन की रणनीति

ज़ेलेंस्की का मानना है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चाहते हैं कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध लंबे समय तक चले। उनके अनुसार, इस संघर्ष से कीव कमजोर होगा क्योंकि अमेरिकी सैन्य संसाधन और ध्यान यूक्रेन से हटकर दूसरी ओर निर्देशित हो जाएंगे। ज़ेलेंस्की ने कहा कि पुतिन के लिए ईरान में लंबा युद्ध एक प्लस पॉइंट है। यह न केवल ऊर्जा की कीमतों को बढ़ाता है बल्कि अमेरिकी भंडार और हवाई रक्षा निर्माताओं के संसाधनों को भी खत्म करता है।

मांग और आपूर्ति में भारी अंतर

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने विशेष रूप से पैट्रियट मिसाइलों की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए बताया कि अमेरिका प्रति माह केवल 60 से 65 मिसाइलों का उत्पादन करता है, जो साल भर में लगभग 700-800 मिसाइलें होती हैं। जबकि चौंकाने वाली बात यह है कि मध्य पूर्व में युद्ध के पहले ही दिन 803 मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। ज़ेलेंस्की ने सवाल उठाया कि जब मध्य पूर्व के स्टॉक खत्म हो जाएंगे, तब यूक्रेन के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती होगी।

ट्रंप और पुतिन के बीच संवाद की रणनीति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप इस युद्ध में 'किसी भी पक्ष' में नहीं हैं और वह केवल एक वार्ताकार की भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप और उनके सलाहकार पुतिन को 'चिढ़ाना' नहीं चाहते और उनके साथ करीबी संवाद की रणनीति अपना रहे हैं।

जेलेंस्की ने ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर को आपसी मतभेद भुलाकर साझा जमीन तलाशने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि ट्रंप ने हाल ही में स्टार्मर की आलोचना करते हुए उन्हें 'विंस्टन चर्चिल के स्तर का नहीं' बताया था।

'नफरत के भाई'

लंदन दौरे के दौरान ब्रिटिश सांसदों को संबोधित करते हुए ज़ेलेंस्की ने रूस और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि रूस और ईरान के शासन 'नफरत के भाई' हैं और इसीलिए वे 'हथियारों के भाई' भी हैं। उन्होंने दुनिया से अपील की कि ऐसे नफरत पर आधारित शासन को कभी जीतने नहीं देना चाहिए क्योंकि ये न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप और हमारे सहयोगियों के लिए खतरा हैं। वर्तमान में ज़ेलेंस्की यूरोपीय देशों के दौरे पर हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दुनिया का ध्यान यूक्रेन पर बना रहे।

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