युद्ध के साये में रुपया पस्त! डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट, क्या अब और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

Indian Rupees: डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी की वजह मध्य पूर्व में संघर्ष को माना जा रहा है। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।
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अमेरिकी डॉलर के भारतीय रुपये में गिरावट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Dollar vs Indian Rupees: डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को पहली बार 92.50 का स्तर तोड़कर नए ऑल टाइम लो 92.634 पर पहुंच गया। यह पहला मौका है, जब डॉलर के मुकाबले रुपया इस स्तर पर आ गया है। इससे पहले अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये का ऑल टाइम लो 92.4750 था। डॉलर के मुकाबले रुपए सत्र में 3 पैसे की कमजोरी के साथ 92.402 पर खुला था। दिन के दौरान इसमें गिरावट बढ़ती चली गई है और यह 92.634 पर पहुंच गया। दिन के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये ने 92.334 का लो लेवल और 92.643 का हाई लेवल छूआ।

डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी की वजह मध्य पूर्व में संघर्ष को माना जा रहा है। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में 50% तेजी

कच्चे तेल में बीते एक महीने में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल पर है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि आयात बिल में लगातार वृद्धि के दबाव के चलते रुपया गिरकर 92.60 के नीचे फिसल गया है, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और होर्मुज जलडमरूमध्य से माल ढुलाई में जारी रुकावट के कारण भारत के लिए आयात लागत में लगातार वृद्धि की चिंता बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि व्यापक आर्थिक परिदृश्य प्रतिकूल बना हुआ है, कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने की संभावना है, जिससे रुपए पर दबाव बना रहेगा।

डॉलर के मुकाबले कमजोर रहेगा रुपया

बाजार के भागीदार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आज के नीतिगत फैसले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, जो डॉलर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और परिणामस्वरूप रुपये के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करेगा। निकट भविष्य में, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 92.25-92.95 के कमजोर दायरे में रहने की उम्मीद है।

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