UP में 7वीं के प्रश्नपत्र पर मचा बवाल, 'पंडित' से जुड़े सवाल को अखिलेश यादव ने बताया 'समाज विशेष' का अपमान

Akhilesh Yadav Post: सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने पंडित से जुड़े सवाल को समाज विशेष का अपमान बताया है।
Akhilesh Yadav On Class & Question Paper
अखिलेश यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Akhilesh Yadav Statement: उत्तर प्रदेश में 'पंडित' को लेकर बेसिक शिक्षा की तरफ से आयोजित सातवीं की परीक्षा में पूछे गए सवाल ने नया विवाद पैदा कर दिया है। पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे 'समाज विशेष' का अपमान बताया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रश्न पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में फिर हुआ एक ‘समाज विशेष’ का अपमान।

उन्होंने कहा कि इससे साबित हो गया है कि यह सब जानबूझकर सत्ता के इशारे पर हो रहा है। अखिलेश यादव का यह पोस्ट ऐसे वक्त में आया है जब प्रदेश में कई मुद्दों पर राजनीति गरम है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव लिखते हैं की प्रदेश में फिर हुआ एक 'समाज विशेष' का अपमान। इससे साबित हो गया है कि यह सब जानबूझकर सत्ता के इशारे पर हो रहा है।असली सवाल केवल प्रश्न पर नहीं बल्कि इस बात पर भी उठना चाहिए कि क्या प्रश्न पत्र बनाने वाले लोगों में भी सत्ता सजातीय लोगों को डाल दिया गया है। अगर जानबूझकर टारगेट किये गए पीड़ित समाज का कोई भी व्यक्ति उस कमेटी में होता तो क्या ऐसा विकल्प बनाया जाता।

क्या है मामला?

दरअसल, पिछले दिनों 7वीं कक्षा की संस्कृत की परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में एक पहेली पूछी गई थी "बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है परंतु पंडित नहीं है।" इस पहेली में पंडित के जिक्र को जातिसूचक टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।

शिक्षक संघ ने जताया कड़ा विरोध

इस मामले को लेकर शिक्षक संघ ने भी कड़ी नाराजगी जताई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह विवाद पुलिस भर्ती परीक्षा में सामने आए जातिगत विकल्प के मुद्दे के बाद और गहरा गया है। जहां ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति दर्ज की गई थी।

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