
अयातुल्ला अली खामेनेई और डोनाल्ड ट्रम्प, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Iran War latest News In Hindi: मध्य पूर्व में युद्ध के बादलों के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब तक की सबसे बड़ी और सीधी चेतावनी दी है। रविवार, 1 फरवरी 2026 को जारी एक कड़े बयान में खामेनेई ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका ने इस बार ईरान की धरती पर किसी भी तरह का सैन्य दुस्साहस किया तो इसका परिणाम केवल एक देश तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह पूरे पश्चिमी एशिया में एक ‘क्षेत्रीय युद्ध’ का कारण बनेगा।
खामेनेई की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर परमाणु डील के लिए दबाव बढ़ाते हुए हमले की धमकी दी थी। ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि ईरान के पास बातचीत की मेज पर आने के लिए अब बहुत कम समय बचा है। इसी का जवाब देते हुए खामेनेई ने सरकारी टेलीविजन के माध्यम से कहा कि अमेरिकियों को यह पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं, तो यह इस बार भयंकर क्षेत्रीय युद्ध होगा।
वर्तमान में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है क्योंकि अमेरिका के युद्धपोत और फाइटर जेट हफ्तों से ईरान के आसपास समुद्र और आसमान में मंडरा रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन वास्तव में सैन्य हमला करेगा या यह केवल ईरान को कूटनीतिक बातचीत के लिए मजबूर करने का एक रणनीतिक दबाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति किसी भी समय एक बड़े सैन्य टकराव में बदल सकती है।
अपने संबोधन में खामेनेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की नीति उकसावे की नहीं है। उन्होंने कहा कि हम उकसाने वाले लोगों में नहीं हैं और न ही किसी देश पर हमले की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी राष्ट्र पर कोई हमला या उत्पीड़न किया गया तो उसे उसी के लहजे में कड़ा और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह बयान दर्शाता है कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
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अगर ईरान और अमेरिका के बीच सीधा टकराव होता है तो इसके परिणाम वैश्विक स्तर पर विनाशकारी हो सकते हैं। एक ‘क्षेत्रीय युद्ध’ का अर्थ है कि इसमें लेबनान, सीरिया, इराक और यमन जैसे देश भी शामिल हो सकते हैं, जिससे पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता खतरे में पड़ जाएगी। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप कूटनीतिक रास्ता चुनेंगे या खामेनेई की यह चेतावनी उन्हें पीछे हटने पर मजबूर करेगी।






