Budget 2026: बांग्लादेश के विकास पर चला भारत का 'बुलडोजर', यूनुस सरकार की सहायता में भारी कटौती

Union Budget 2026: बजट 2026 में भारत ने बांग्लादेश को दी जाने वाली सहायता राशि को 120 करोड़ से घटाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया है। अल्पसंख्यकों पर हमलों और तनावपूर्ण रिश्तों के बीच यह बड़ा कदम उठाया गया है।
Budget 2026: India's 'bulldozer' rolls over Bangladesh's development, with a massive 50% cut in aid to the Yunus government.
बांग्लादेश के विकास पर भारत का 'बुलडोजर', फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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India Bangladesh Aid Cut: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में भारत ने अपनी विदेश नीति और पड़ोसी देशों को दी जाने वाली सहायता के मामले में एक कड़ा संदेश दिया है। इस बजट में भारत ने बांग्लादेश के विकास पर 'बुलडोजर' चलाते हुए उसे दी जाने वाली आर्थिक मदद में भारी कटौती की है।

भारत सरकार का यह फैसला बांग्लादेश की वर्तमान यूनुस सरकार के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वहां चल रही कई विकास योजनाएं ठप पड़ सकती हैं।

50% की भारी कटौती और कड़ा संदेश

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, भारत ने बांग्लादेश के लिए बजटीय आवंटन को 120 करोड़ रुपये से घटाकर मात्र 60 करोड़ रुपये कर दिया है। यानी एक झटके में सहायता राशि को आधा कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से जारी हिंदू-विरोधी घटनाओं, अल्पसंख्यकों पर हमलों और द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव का परिणाम है। भारत ने इस 'एक्शन' के जरिए यह साफ कर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों में शिष्टाचार और सुरक्षा अनिवार्य है।

पिछले साल का खर्च और जमीनी हकीकत

आंकड़ों से यह भी खुलासा हुआ है कि पिछले वित्तीय वर्ष में भारत ने बांग्लादेश के लिए 120 करोड़ रुपये आवंटित किए थे लेकिन तनावपूर्ण संबंधों के कारण इसमें से केवल 34.48 करोड़ रुपये ही वास्तव में खर्च किए जा सके। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच सहयोग का स्तर पहले ही गिर चुका था, जिसे अब बजट में आधिकारिक कटौती के रूप में मोहर लगा दी गई है।

अन्य पड़ोसियों पर मेहरबान भारत

बांग्लादेश के विपरीत, भारत ने उन पड़ोसी देशों की मदद जारी रखी है या बढ़ाई है जिनके साथ संबंध मधुर हैं। भूटान भारत से सहायता प्राप्त करने वाले देशों की सूची में सबसे ऊपर बना हुआ है, जिसे 2,289 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसी तरह, नेपाल की सहायता में 14% की वृद्धि कर इसे 800 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि श्रीलंका की मदद एक-तिहाई बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दी गई है। मालदीव को भी 550 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है हालांकि इसमें 8% की मामूली कटौती हुई है।

यूनुस सरकार के लिए 'अपाहिज' होने जैसी स्थिति

बांग्लादेश में भारत के सहयोग से बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास की सैकड़ों योजनाएं संचालित हो रही थीं। अब फंड में इस कटौती के कारण यूनुस सरकार को अपने विकास लक्ष्यों को पूरा करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह बजट स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भारत अब अपनी विदेशी सहायता को केवल आर्थिक निवेश नहीं बल्कि रणनीतिक हितों के साथ जोड़कर देख रहा है।

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