गाजा में फिर बढ़ा तनाव, नेतन्याहू ने दिए भीषण हमले के आदेश, खतरे में युद्धविराम समझौता

Israel Hamas War: हमास पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सेना को हमले का आदेश दिया। अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ नाज़ुक समझौता अब संकट में है।
Tensions escalate again in Gaza, Netanyahu orders massive attack, ceasefire agreement in danger
गाजा में फिर बढ़ा तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Israel Hamas Ceasefire: गाजा में जारी युद्धविराम अब टूटने के कगार पर है। मंगलवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को भीषण हमले शुरू करने का आदेश दिया। नेतन्याहू ने कहा कि हमास ने बंधकों के शवों की वापसी के दौरान समझौते की शर्तों का ‘स्पष्ट उल्लंघन’ किया है, इसलिए इजरायल को अब जवाब देना जरूरी है।

रिपोर्टों के मुताबिक, दक्षिणी गाजा में इजरायली सैनिकों पर तब हमला हुआ जब हमास ने एक बंधक का शव लौटाया। इसके बाद हमास के सशस्त्र विंग ‘अल-कसम ब्रिगेड’ ने ऐलान किया कि वह बाकी शवों की वापसी को ‘रोक’ रहा है, क्योंकि इजरायल लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। हमास का कहना है कि गाजा में जारी बमबारी से शवों की खोज और बरामदगी की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। वहीं, इजरायली अधिकारियों का आरोप है कि हमास जानबूझकर शवों की वापसी में देरी कर रहा है।

मिस्र की मदद और राहत अभियान

इस जटिल स्थिति में मिस्र ने अपने विशेषज्ञों और भारी उपकरणों को खान यूनिस और नुसेरात क्षेत्रों में भेजा है, जहां खोज और पहचान का कार्य मंगलवार को भी जारी रहा। मिस्र की टीम दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रही है ताकि तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।

पहले भी हुई गलतफहमियां

यह पहली बार नहीं है जब बंधकों के शवों को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। फरवरी 2024 में भी हमास ने तीन बंधकों के शव लौटाने का दावा किया था, लेकिन डीएनए जांच में उनमें से एक शव फिलिस्तीनी नागरिक का निकला। इस बार लौटाए गए शव की पहचान ओफिर जरफाती के रूप में हुई है, जिन्हें अक्टूबर 2023 के हमले में बंधक बनाया गया था।

युद्धविराम प्रक्रिया में अड़चन

10 अक्टूबर से लागू युद्धविराम के तहत अब तक हमास ने 15 इजरायली बंधकों के शव लौटाए हैं, जबकि इजरायल ने 195 फिलिस्तीनी शव गाजा को सौंपे हैं। लेकिन अब यह प्रक्रिया रुक गई है। आने वाले चरणों में हमास के निरस्त्रीकरण, अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती और गाजा के भविष्य पर बातचीत होनी थी, जो अब कठिन दिख रही है।

नेतन्याहू का सख्त रुख

नेतन्याहू ने बयान जारी करते हुए कहा कि हमास के हर उल्लंघन का जवाब दिया जाएगा। इजरायल के नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इजरायली सेना ने भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार के हमले या समझौते के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी। गाजा में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और इस बार का संघर्षविराम पहले से कहीं अधिक नाजुक साबित हो रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com