बलूचिस्तान में फिर बम धमाका, उपायुक्त के काफिले को बनाया गया निशाना; सात सुरक्षाकर्मी घायल

Pakistan Balochistan Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर बम धमाका हुआ है। तुर्बत इलाके में उपायुक्त के काफिले को निशाना बनाया गया, जिसमें सात सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
Another bomb blast in Balochistan, Deputy Commissioner's convoy targeted; seven security personnel injured
बलूचिस्तान में फिर बम धमाका, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan News Hindi: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार को एक बार फिर बड़ा बम धमाका हुआ। यह विस्फोट प्रांत के तुर्बत इलाके में तब हुआ जब केच के उपायुक्त बशीर बारेच का काफिला वहां से गुजर रहा था। पुलिस के अनुसार, धमाके में कम से कम सात सुरक्षाकर्मी और एक राहगीर घायल हुए हैं।

केच के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जोहैब मोहसिन ने बताया कि यह विस्फोट प्रेस क्लब रोड पर किया गया। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने एक मोटरसाइकिल में बम लगाकर उसे रिमोट कंट्रोल से उड़ा दिया, जब उपायुक्त का काफिला इलाके से गुजर रहा था। इस हमले में 'लेवीस' नामक अर्धसैनिक बल के पांच जवान और एक राहगीर घायल हुए। बाद में घायलों की संख्या बढ़कर आठ हो गई, जिनमें सात ‘लेवीस’ कर्मी शामिल हैं।

बुलेटप्रूफ वाहन में सवार थे उपायुक्त

एसएसपी मोहसिन ने आगे बताया कि उपायुक्त बशीर बारेच पूरी तरह सुरक्षित हैं क्योंकि वे बुलेटप्रूफ वाहन में सवार थे। उन्होंने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी चार गाड़ियां और पास की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। धमाके के बाद पुलिस और फ्रंटियर कोर के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और इलाके को घेर लिया गया। विस्फोटक सामग्री के अवशेष जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।

पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को बनाया जा रहा निशाना

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हमला उसी सिलसिले की एक कड़ी है जो पिछले कुछ महीनों से बलूचिस्तान में जारी है। बलूच विद्रोही लगातार पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले कलात और केच जिलों में भी इसी तरह के आईईडी धमाके हुए थे, जिनमें पाकिस्तानी सेना के तीन जवान मारे गए थे और कई घायल हुए थे।

आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज

बलूचिस्तान लंबे समय से अस्थिरता का केंद्र बना हुआ है। यहां सक्रिय विद्रोही समूह पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ सशस्त्र आंदोलन चला रहे हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों को कमजोर करना और राजनीतिक असंतोष को उजागर करना बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने तुर्बत विस्फोट की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के हमले सुरक्षा बलों के हौसले नहीं तोड़ पाएंगे और आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।