इजरायल का समर्थन पड़ा भारी, कट्टरपंथियों ने पत्रकार को उतारा मौत के घाट, दिन दहाड़े गोलियों से भूना

Journalist Imtiaz Ali Death: पाकिस्तानी पत्रकार इम्तियाज मीर की कराची में इजराइल समर्थन टिप्पणी पर हत्या; सिंध पुलिस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार कर चरमपंथी नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि की।
इजरायल का समर्थन पड़ा भारी, कट्टरपंथियों ने पत्रकार को उतारा मौत के घाट, दिन दहाड़े गोलियों से भूना
इम्तियाज मीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pro-Israel Pakistan journalist Murdered: पाकिस्तान के कराची में टेलीविजन चैनल के पत्रकार और एंकर इम्तियाज मीर की इजरायल का समर्थन करने पर हत्या कर दी गई। सिंध प्रांत के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजहर ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी। लंजहर ने कहा कि, मीर की हत्या कथित तौर पर इजराइल के समर्थन में की गई उनकी टिप्पणी के कारण की गई थी।

मंत्री के मुताबिक, हत्या के आरोप में चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने पूछताछ के दौरान अपराध कबूल कर लिया है। गृह मंत्री ने बताया कि 21 सितंबर को कराची के मलिर इलाके में चैनल ऑफिस से बाहर निकलते समय इम्तियाज मीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मीर को इजराइल का कथित समर्थक मानते हुए उन्हें निशाना बनाया गया।

हत्या के चार आरोपी गिरफ्तार

सिंध पुलिस के आईजीपी गुलाम नबी मेमन और कराची के पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो ने बताया कि हत्या के पीछे एक संगठित चरमपंथी नेटवर्क का हाथ है। हालांकि अधिकारियों ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि उन्होंने हत्या के मास्टरमाइंड को एक पड़ोसी देश में होने की बात कही। गिरफ्तार किए गए चारों संदिग्धों की पहचान अजलाल जैदी, शहाब असगर, अहसान अब्बास और फराज अहमद के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी लश्कर सरुल्लाह नामक संगठन से जुड़े हैं, जो प्रतिबंधित ‘जैनबियून ब्रिगेड’ का हिस्सा माना जाता है। यह संगठन पाकिस्तान में सक्रिय चरमपंथी गुटों में से एक है, जो विभिन्न विदेशी नेटवर्कों से भी संपर्क रखता है। जांच में दो केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने कराची पुलिस के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला: लंजहर

गृह मंत्री लंजहर ने कहा कि पत्रकार मीर की हत्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है और सरकार ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा दी जाएगी।

वहीं पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आतंकवादियों से मिली जानकारी के आधार पर अब उनके नेटवर्क और विदेशी हैंडलरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान में किसी पत्रकार पर हमले की यह पहली घटना नहीं है एक रिपोर्ट के मुताबिक 2024 से अब तक कुल 6 पत्रकारों की हत्या हो चूकी है।

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