
जेफरी एपस्टीन फाइल्स फोटो, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Epstein Files News In Hindi: कुख्यात जेफरी एपस्टीन मामले से जुड़ी जांच फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा हाल ही में जारी की गई 30 लाख से ज्यादा फाइलों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। इन दस्तावेजों में कई पीड़ितों के नाम बिना छुपाए ही प्रकाशित कर दिए गए जिससे उनकी निजता और सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
इस चूक को वकीलों ने एक ‘अनफोल्डिंग इमरजेंसी’ करार दिया है। फ्लोरिडा की एक कानूनी फर्म ने मैनहट्टन के फेडरल जज रिचर्ड एम बर्मन को पत्र लिखकर उन फाइलों को प्रदर्शित करने वाली सरकारी वेबसाइट को ‘तत्काल हटाने’ का अनुरोध किया है। न्यायाधीश बर्मन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए इस पर बुधवार, 4 फरवरी को सुनवाई तय की है। हालांकि, जज ने यह भी कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि वे इस मामले में कितनी मदद कर पाएंगे।
दस्तावेजों में गोपनीयता के उल्लंघन की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रकाशित एक ईमेल में 32 नाबालिग बाल पीड़ितों की सूची थी जिनमें से केवल एक का नाम हटाया गया था और बाकी 31 के नाम साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। इतना ही नहीं, एक अन्य महिला ने शिकायत की है कि उसका पूरा पता फाइलों में प्रकाशित हो चुका है। अमेरिकी न्याय विभाग ने स्वीकार किया है कि वे फाइलों में संशोधन करने और नग्न तस्वीरों में लोगों के चेहरे छिपाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
इन दस्तावेजों के जारी होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक इन फाइलों को खुद नहीं देखा है, लेकिन उन्हें जानकारी दी गई है कि इनमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे उन पर कोई आरोप साबित हो और ये वामपंथियों की उम्मीदों के बिल्कुल उलट हैं।
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मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट की गई फाइलों में एपस्टीन की माउंटबेटन-विंडसर के साथ दोस्ती, ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन, न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिस्क और अरबपतियों बिल गेट्स एवं एलन मस्क के साथ ईमेल पत्राचार के दस्तावेज भी शामिल हैं।






