'धूप सेंकने का शौक नहीं मुझे...' ट्रंप ने ईरान की धमकी को बना दिया मजाक

सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार जवाद लारीजानी ने ईरानी टेलीविजन पर राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वे फ्लोरिडा स्थित अपने घर मार-ए-लागो में भी महफूज़ नहीं हैं।
'धूप सेंकने का शौक नहीं मुझे...' ट्रंप ने ईरान की धमकी को बना दिया मजाक
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
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वाशिंगटन: इजरायल और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार जवाद लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी दी है। लारीजानी ने चेताया कि ट्रंप अब अपने फ्लोरिडा स्थित आवास में भी सुरक्षित नहीं हैं और ईरानी ड्रोन कभी भी उन्हें निशाना बना सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने इस धमकी को गंभीरता से लेने के बजाय उसका मजाक उड़ाया है।

एक इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से ईरानी नेता की धमकी को लेकर सवाल किया गया। उनसे पूछा गया, “क्या आपको लगता है कि यह वास्तव में कोई धमकी है? और आखिरी बार आपने धूप कब सेंकी थी?” इस पर ट्रंप मुस्कराए और बोले, “काफ़ी वक्त हो गया... शायद जब मैं सात साल का था। मुझे धूप सेंकना पसंद नहीं है।”

डोनाल्ड ट्रंप को मिली है चेतावनी

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार जवाद लारीजानी ने ईरानी टीवी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वह अपने फ्लोरिडा स्थित घर मार-ए-लागो में भी महफूज़ नहीं हैं। लारीजानी ने कहा, “ट्रंप ने जो कुछ किया है, उसके बाद अब वह अपने घर की छत पर चैन से धूप भी नहीं सेंक सकते। अगर वह धूप में आराम कर रहे होंगे, तो एक छोटा सा ड्रोन कभी भी उन पर हमला कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति पर सनबाथ के दौरान ड्रोन से हमला करना हमारे लिए कोई मुश्किल काम नहीं होगा।”

बदले की कार्रवाई के लिए फंड जुटा रहा ईरान

जवाद लारीजानी के हालिया बयान को जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि जनवरी 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी मारे गए थे, और इस कार्रवाई के लिए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार माना गया था। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, लारीजानी की टिप्पणी उस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बाद सामने आई है, जो खुद को ‘ब्लड पैक्ट’ कहता है। यह प्लेटफॉर्म उन लोगों के खिलाफ बदले की कार्रवाई के लिए फंड जुटा रहा है, जिन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अपमान किया या उन्हें धमकाया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईरानी धार्मिक नेताओं ने मुसलमानों से अपील की थी कि 12 दिनों के संघर्ष के दौरान खामेनेई की हत्या की साजिश रचने वाले ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को मारने का प्रयास किया जाए।

ट्रंप पर खतरे की आशंका

ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर खतरे की आशंका लगातार बनी हुई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ट्रंप की हत्या की योजना बनाई थी। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां इस खतरे को बेहद गंभीर मानते हुए उनकी सुरक्षा में कोई ढील नहीं बरततीं और सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा चाक-चौबंद बनाए रखती हैं।

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