पाकिस्तानी हमले की भेंट चढ़ गया तालिबानी सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा! मचा हड़कंप! भुगतना होगा खामियाजा?

Pak-Afghan War: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में TTP ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। तालिबान सुप्रीम लीडर अखुंदजादा को निशाना बनाने की कोई पुष्टि नहीं हुई; दोनों देशों ने मिलिट्री एंगेजमेंट स्वीकार किया।
Hibatullah Akhundzada killed in Pakistani airstrike
पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में हिबतुल्लाह अखुंदजादा के मारे जाने का दावा (सोर्स- सोर्स- सोशल मीडिया)
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Hibatullah Akhundzada Killed in Pakistani Airstrike: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद अब गंभीर सैन्य टकराव में बदल गया है। शुक्रवार तड़के पाकिस्तानी वायु सेना ने आफगानिस्तान की राजाधानी काबूल समेत कई बड़े शहरों में जोरदार हमले किए। इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा की मौत हो गई है। 

यह दावे पाकिस्तान द्वारा "ऑपरेशन गजब-लील-हक" की घोषणा के बाद सामने आए हैं, जिससे बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया। शुरुआती चर्चा में लोग काबुल को हमले की जगह मान रहे थे, लेकिन जल्द ही ध्यान कंधार की ओर चला गया। कंधार, जहां से तालिबान के कई ऑपरेशन होते हैं और जिसे अखुंदजादा का मुख्य बेस माना जाता है, के ऊपर जेट की आवाजें सुनी गईं।

तालिबान ने नहीं की कोई पुष्टि

काबुल में फ्रांस-प्रेस (AFP) के पत्रकारों ने बताया कि दो घंटे से अधिक समय तक जेट उड़ते रहे, उसके बाद धमाके और गोलियों की आवाजें आईं। कंधार में AFP के एक रिपोर्टर ने भी एयरक्राफ्ट गुजरने की पुष्टि की। इससे ऑनलाइन अटकलें तेज हो गईं कि यह लीडरशिप स्ट्राइक हो सकती है। लेकिन अभी तक किसी भी आधिकारिक स्रोत ने यह नहीं कहा कि अखुंदजादा को टारगेट किया गया। तालिबान प्रशासन ने माना कि पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक हुई, लेकिन किसी सीनियर लीडर को निशाना बनाने की बात से इनकार किया। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि एयर ऑपरेशन में कोई हताहत नहीं हुआ और लीडरशिप या कमांड इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

आठ अफगान सैनिकों की मौत की पुष्टि

मुजाहिद ने पहले अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर बड़े पैमाने पर ऑफ़ेंसिव ऑपरेशन की बात कही थी, और इसे पाकिस्तानी मिलिट्री गतिविधियों का जवाब बताया। अफगान डिफ़ेंस मिनिस्ट्री ने बाद की जमीनी लड़ाइयों में आठ अफगान सैनिकों की मौत की पुष्टि की।

TTP के ठिकानों पर हमला

पाकिस्तान की तरफ से भी यह साफ किया गया कि तालिबान के सुप्रीम लीडर को निशाना बनाने की कोई कोशिश नहीं हुई। पाकिस्तान का कहना है कि उसके हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर थे, खासकर डूरंड लाइन के पास। यह उनके काउंटर-टेररिज्म अभियान के अनुसार जरूरी था। अखुंदजादा पर सीधा हमला करना ज्यादा जोखिम भरा होता। दोनों देशों ने मिलिट्री एंगेजमेंट को स्वीकार किया, लेकिन लीडरशिप-टारगेटिंग की बात को किसी ने कन्फर्म नहीं किया। इस समय कोई भरोसेमंद सबूत नहीं है कि पाकिस्तान ने सीधे अखुंदजादा को निशाना बनाया।

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