राज्यसभा चुनाव 2026: 72 सीटों पर घमासान, क्या कांग्रेस बचा पाएगी विपक्ष के नेता की कुर्सी?

Rajya Sabha Elections 2026: देश में 72 राज्यसभा सीटों के लिए तीन चरणों में चुनाव होने जा रहे हैं। बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। कांग्रेस के सामने अपना संख्याबल और साख बचाने की चुनौती है।
Rajya Sabha Elections 2026 Congress vs BJP
संसद भवन (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

Rajya Sabha Election Congress vs BJP: इस वर्ष 3 चरणों में राज्यसभा की 72 सीटों के लिए चुनाव में मुख्य रूप से कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला होगा। अगले माह 16 मार्च को 37, जून में 24 तथा नवंबर में 11 सीटों पर चुनाव होगा। प्रथम चरण की 37 सीटों के चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व के इंडिया गठबंधन के पास अभी 18 तथा बीजेपी नेतृत्व के एनडीए के पास 15 सीटें हैं। एनडीए में बीजेपी की 9 सीटों का समावेश है।

इस बार के चुनाव में बीजेपी की सीटों में वृद्धि होकर 12 हो सकती हैं। दूसरी ओर इंडिया की 18 सीटों में कांग्रेस की सिर्फ 4 सीटें हैं। कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी, रजनी पाटिल, फुलोदेवी नेताम व केटीएस तुलसी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें से तुलसी व फुलोदेवी नैताम छत्तीसगढ़ से चुने गए थे, जबकि अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से और रजनी पाटिल महाराष्ट्र से चुने गए थे।

जून में 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव

जून माह में जिन 24 सीटों का चुनाव है, उसमें भी कांग्रेस की 4 सीटें हैं। जून में कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। फिलहाल राज्यसभा में कांग्रेस का संख्याबल 27 है। यदि इस बार के चुनाव में कांग्रेस की सीटें नहीं बढ़ पाईं तो राज्यसभा में विपक्ष का नेता पद उसे खोना पड़ेगा। अनुमान है कि कांग्रेस की 2 सीटें बढ़ सकती हैं लेकिन इसके लिए उसे गंभीरता से चुनाव लड़ना होगा। अभी देश के सिर्फ 3 राज्यों तेलंगाना, कर्नाटक व हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें हैं। कर्नाटक में चुनाव नहीं होने से सारा दारोमदार तेलंगाना व हिमाचल प्रदेश पर रहेगा। कांग्रेस को तेलंगाना से 2 तथा हरियाणा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश प्रत्येक से 1 सीट मिल सकती है।

इतने पर भी कांग्रेस को बीजेपी से उतना खतरा नहीं है जितना अपनी ही पार्टी में क्रॉस वोटिंग से है। इसके पहले हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा व हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के वोट फूटे थे। इसलिए वह 2 सीटों पर हार गई थी। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 40 विधायक हैं। राज्यसभा की 1 सीट जीतने के लिए 35 मतों की आवश्यकता है इसलिए कांग्रेस को 1 सीट आसानी से मिल सकती है। इसके लिए कांग्रेस के आनंद शर्मा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का नाम चर्चा में है।

कांग्रेस को क्राॅस वोटिंग का डर

पिछली बार कांग्रेस के 6 विधायकों की क्रॉस वोटिंग की वजह से अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव हार गए थे। जब कांग्रेस और बीजेपी दोनों के समान 34 वोट हो गए तो ईश्वर चिट्ठी निकाली गई जिसमें बीजेपी के हर्ष महाजन चुन लिए गए थे। हिमाचल में हारने के बाद सिंघवी तेलंगाना से निर्वाचित होकर राज्यसभा में आए थे। हरियाणा में कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग की परंपरा रही है। वहां किरण चौधरी व रामचंद्र जांगरा का कार्यकाल समाप्त होने की वजह से चुनाव होगा। 2022 में कुलदीप बिश्नोई की क्रॉस वोटिंग की वजह से कांग्रेस के अजय माकन चुनाव हार गए थे और बीजेपी के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी कार्तिकय शर्मा चुनाव जीते थे।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com