
सांकेतिक तस्वीर
BLA Operation Herof II: बलूचिस्तान में जारी संघर्ष के बीच, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ‘ऑपरेशन हेरोफ II’ के तहत बड़े पैमाने पर हमलों का दावा किया है। संगठन के अनुसार, यह अभियान 31 जनवरी सुबह 5 बजे शुरू होकर 6 फरवरी शाम 4 बजे तक चला और छह दिनों में 14 शहरों में 76 से अधिक हमले किए गए। BLA ने बताया कि कई हमले एक साथ और समन्वित तरीके से अंजाम दिए गए।
BLA ने कहा कि इस अभियान में उसकी प्रमुख इकाइयों मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड, स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड, खुफिया विंग ZIRAB और मीडिया विंग हक्कल ने हिस्सा लिया। संगठन का दावा है कि इस दौरान 93 उसके लड़ाके मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड के 50 फिदायीन शामिल हैं।
संगठन ने बताया कि झड़पों, घात लगाए गए हमलों और अन्य कार्रवाइयों में पाकिस्तानी सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के 362 से अधिक कर्मी मारे गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि इसी अवधि में सुरक्षा बलों ने 200 से ज्यादा उग्रवादियों को मार गिराया।
BLA ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 17 सुरक्षाकर्मियों को हिरासत में लिया, जिनमें से 10 को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, जबकि सात अभी भी उनकी हिरासत में हैं। संगठन का कहना है कि उन पर कथित युद्ध अपराधों के आरोपों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, अभियान के दौरान सैन्य ठिकानों, चेकपोस्ट, पुलिस स्टेशनों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचाने और हथियार व उपकरण कब्जे में लेने के दावे भी किए गए।
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बलूचिस्तान में इस हमले का पाकिस्तान पर प्रभाव गंभीर माना जा रहा है। हालांकि आंकड़े भिन्न हैं, अधिकांश विशेषज्ञ मानते हैं कि यह लड़ाई केवल मैदान तक सीमित नहीं है। बड़े और संगठित हमलों का असर मनोवैज्ञानिक रूप से भी दिखाई दे रहा है, जिससे सरकारी अधिकारियों, सुरक्षा बलों और विदेशी निवेशकों जैसे चीन में डर और अस्थिरता बढ़ती है। चीन ने BLA के हमलों के चलते ही पाकिस्तान सरकार से सुरक्षा गारंटी की मांग की है, क्योंकि लगातार हिंसा और असुरक्षा ने पाकिस्तान में काम करने वाले चीनी नागरिकों के मन में डर पैदा कर दिया है।






