
खामेनेई 7 महीने में दूसरी बार अंडरग्राउंड, कॉन्सेप्ट फोटो
Iran US Tension News In Hindi: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर बड़ी खबर आ रही है कि वे एक बार फिर ‘अंडरग्राउंड’ हो गए हैं और तेहरान के पास स्थित एक सुरक्षित बंकर में शरण ली है। अमेरिका से जान से मारने की सीधी धमकी मिलने के बाद ईरान ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।
7 महीने में दूसरी बार बंकर का सहारा सूत्रों और सरकारी मीडिया के संकेतों के अनुसार, पिछले सात महीनों में यह दूसरी बार है जब खामेनेई को सार्वजनिक जीवन से हटकर बंकर में छिपना पड़ा है। इससे पहले जून 2025 में जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था, तब भी खामेनेई अपने परिवार के साथ 21 दिनों के लिए अंडरग्राउंड हो गए थे।
बीबीसी फारसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति ने खामेनेई को चेतावनी दी थी कि उनका हस्र भी कासिम सुलेमानी या आईएसआईएस सरगना अबू बक्र अल बगदादी जैसा किया जा सकता है। इस धमकी को ईरान ने बेहद गंभीरता से लिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सुप्रीम लीडर पर किसी भी तरह का हमला होता है, तो तेहरान इसे सीधे ‘जंग’ का ऐलान मानेगा।
ईरान के डर की एक बड़ी वजह हाल ही में वेनेजुएला में हुई घटना भी है। अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके काराकास स्थित आवास से सोते समय अपहरण कर लिया था और वे वर्तमान में अमेरिकी जेल में बंद हैं। ईरान को डर है कि अमेरिका उसके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ भी इसी तरह का कोई गुप्त ऑपरेशन चला सकता है।
खामेनेई ईरानी शासन व्यवस्था के केंद्र हैं और सभी बड़े नीतिगत फैसले उनके पास ही सुरक्षित हैं। वे लंबे समय से अमेरिका के धुर-विरोधी रहे हैं और उन्होंने 2016 की न्यूक्लियर डील का भी विरोध किया था। वे अक्सर सार्वजनिक मंचों से अमेरिका को ‘शैतान’ कहकर संबोधित करते हैं। आखिरी बार उन्हें 17 जनवरी को सार्वजनिक रूप से देखा गया था जब उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ तीखा भाषण दिया था।
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अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी के लिए यूएसएस अब्राहम को मलक्का की खाड़ी में तैनात कर दिया है। जवाब में ईरान ने भी जॉर्डन में अपने 12 एफ-15 जेट तैनात किए हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और अमेरिका की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।






