ईरान के खिलाफ घेराबंदी तेज! जॉर्डन में F-15 और हिंद महासागर में 'अब्राहम लिंकन', क्या US करने वाला है हमला?

Middle East News: मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिका ने जॉर्डन में फाइटर जेट्स और हिंद महासागर में मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती बढ़ा दी है, जिसे ईरान पर बड़े हमले की तैयारी माना जा रहा।
The encirclement of Iran intensifies! F-15s in Jordan and the USS Abraham Lincoln in the Indian Ocean – is the US planning an attack?
ईरान अमेरिका तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran US Tension Latest News In Hindi: ईरान में जारी आंतरिक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच अमेरिका की बड़ी सैन्य हलचल ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सख्त रुख और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विमानवाहकों एवं फाइटर जेट्स की बढ़ती तैनाती इस ओर इशारा कर रही है कि वॉशिंगटन किसी भी बड़े सैन्य कदम के लिए खुद को तैयार कर रहा है। सैन्य विश्लेषकों ने ऐसी तीन बड़ी घटनाओं को चिह्नित किया है जो संभावित हमले का संकेत दे रही हैं।

जॉर्डन में F-15 और स्ट्रैटोटैंकर की तैनाती

अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF लेकेनहीथ से कम से कम 12 F-15 लड़ाकू विमान और 4 KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (हवा में ईंधन भरने वाले विमान) जॉर्डन के मुवाफ्फक साल्टी एयरबेस पर तैनात किए हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इसे रूटीन रोटेशन बताया है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जॉर्डन का यह बेस ईरान, सीरिया और इराक तक त्वरित पहुंच बनाने के लिए रणनीतिक रूप से सबसे उपयुक्त है। यह बेस पहले भी ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।

ईरान की ओर बढ़ता 'USS अब्राहम लिंकन'

अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन साउथ चाइना सी से रवाना होकर मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ दो आधुनिक डेस्ट्रॉयर, USS Spruance और USS Michael Murphy भी मौजूद हैं, जो सैकड़ों मिसाइलों से लैस हैं। अगले 5 से 7 दिनों में इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के CENTCOM क्षेत्र में दाखिल होने की संभावना है जिससे अमेरिका की सैन्य क्षमता में भारी इजाफा होगा।

डिएगो गार्सिया पर 'बी-2' बॉम्बर्स की तैयारी

अमेरिका ने हिंद महासागर स्थित अपने डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर कार्गो प्लेन, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और हवा में ईंधन भरने वाले विमान भेजे हैं। यह वही बेस है जहां से B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स उड़ान भर सकते हैं, जो भूमिगत ठिकानों और कमांड सेंटर्स को तबाह करने में सक्षम हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान के पास अपना मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिया है और चेतावनी दी है कि सुप्रीम लीडर खामेनेई पर कोई भी हमला सीधी जंग माना जाएगा।

राजनीतिक तनाव और 'तूफान से पहले की खामोशी'

ईरान में करीब 20 दिन तक चले विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर सकता है। तनाव इतना बढ़ गया है कि हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री का विमान सुरक्षा कारणों से सेफ लोकेशन की ओर मुड़ा और कतर के अमेरिकी बेस से सैनिकों की निकासी की खबरें भी आईं। वर्तमान स्थिति को विश्लेषक 'तूफान से पहले की खामोशी' बता रहे हैं जो मिडिल ईस्ट को बड़े संकट में डाल सकती है।

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