वीडियो वायरल (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Dogs Vaccination Video Viral: भारत में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन कुत्तों से न केवल राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा भी हमेशा बना रहता है। कई बार इनके अचानक हमले की खबरें सामने आती रहती हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया था, जिस पर काफी विवाद भी हुआ। इसी बीच अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है।
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर शेयर किया गया है। इसमें देखा जा सकता है कि कैसे वैक्सीनेशन कर्मचारी एक बड़ी पाइप का इस्तेमाल कर रहे हैं। पाइप के अंदर एक इंजेक्शन लगाया जाता है और कर्मचारी उस पाइप में फूंक मारकर इंजेक्शन को कुत्तों के शरीर में चुभा देते हैं। यह तरीका इसलिए अपनाया गया है ताकि कर्मचारियों को कुत्तों को पकड़ने या उनके करीब जाने की जरूरत न पड़े, क्योंकि ऐसे में उनके काटने या अटैक करने का खतरा रहता है।
A technique to vaccinate stray dogs
pic.twitter.com/C6azKckK0p— Science girl (@gunsnrosesgirl3) August 29, 2025
बताया जा रहा है कि यह तकनीक मिस्र में अपनाई गई है और वहां यह बेहद कारगर साबित हुई है। यही कारण है कि लोग इस वीडियो को देखकर हैरान और प्रभावित भी हैं। महज 17 सेकंड के इस वीडियो को अब तक 4.8 मिलियन (48 लाख) से ज्यादा बार देखा जा चुका है। हजारों लोगों ने इसे लाइक किया है और तरह-तरह के कमेंट्स भी किए हैं। वीडियो को @gunsnrosesgirl3 नाम की आईडी से शेयर किया गया था, जिसमें कैप्शन लिखा गया कि “आवारा कुत्तों को वैक्सीनेट करने की एक टेक्निक।”
ये भी पढ़ें- आपदा में ऐशो-आराम की बातें! बाढ़ देखने गए मंत्रियों को याद आया स्वीडन-गोवा; VIDEO ने मचाया हंगामा
वीडियो देखने के बाद यूजर्स ने इस तकनीक को काफी स्मार्ट और क्रिएटिव बताया। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि “यह तकनीक भारत में भी अपनाई जानी चाहिए।” वहीं, एक अन्य ने कहा कि “आवारा जानवरों का वैक्सीनेशन बेहद कठिन काम है, खुशी है कि कोई इसका इतना अनोखा समाधान लेकर आया।” आपको बता दें, भारत में आवारा कुत्तों की संख्या करोड़ों में है और हर साल हजारों लोग इनके काटने से प्रभावित होते हैं। ऐसे में लोगों का मानना है कि यह तकनीक बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन अभियान चलाने के लिए बेहद मददगार साबित हो सकती है।