
राइस मिल में छापा (सौजन्य-नवभारत)
Gurudev Rice Mill Sand Truck Seizure: भंडारा जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वालों के विरुद्ध प्रशासन ने नए साल के शुरुआती सप्ताह में अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी मुहिम को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी सावन कुमार के सीधे निर्देश पर चलाई गई इस कार्रवाई में राजस्व और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से दबिश देकर रेत से लदे 20 टिप्पर जब्त किए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी ट्रक प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए राइस मिल परिसर के भीतर छिपाकर रखे गए थे। इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
तुमसर और मोहाडी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत परिवहन होने की पुख्ता जानकारी जिलाधिकारी सावन कुमार को मिली थी। प्रशासन को संदेह था कि रेत माफियाओं ने अपनी गाड़ियों को पकड़े जाने के डर से किसी सुरक्षित स्थान पर छिपा दिया है।
जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तलाशी अभियान चलाने के आदेश दिए। उनके मार्गदर्शन में जिला खनिकर्म अधिकारी, उपविभागीय अधिकारी अंबादे और मोहाडी के तहसीलदार की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।
प्रशासनिक टीम ने वरठी स्थित विधायक राजू कारेमोरे की गुरुदेव राइस मिल के परिसर से 17 ट्रक और मोहगांव स्थित जय किसान राइस मिल से 3 ट्रक सहित कुल 20 ट्रक कब्जे में लिए हैं। नागपुर की दिशा में जाने वाले ये वाहन नाकाबंदी से बचने के लिए यहां खड़े किए गए थे। रेत सहित लगभग 58 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है। चर्चा है कि जब्त किए गए वाहनों में विधायक के करीबी और वरठी के स्थानीय रेत माफिया के ट्रक शामिल हैं।
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जब्त किए गए सभी ट्रकों को फिलहाल मोहाडी पुलिस स्टेशन परिसर में रखा गया है और उन पर भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना किसी दबाव के अवैध रेत परिवहन के खिलाफ यह कठोर अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
एक जनप्रतिनिधि के व्यावसायिक प्रतिष्ठान में इस तरह अवैध रेत के ट्रक मिलने से अब इस मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। जिलाधिकारी की इस आक्रामक कार्रवाई का आम नागरिकों ने स्वागत किया है।






