World’s Largest Shivling: तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई 40 दिनों की लंबी यात्रा के बाद, दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार के गोपालगंज पहुंच चुका है। 210 टन वजनी और 33 फीट ऊंचे इस काले ग्रेनाइट के शिवलिंग को 96 पहियों वाले एक विशेष ट्रक द्वारा लाया जा रहा है। इतनी भारी-भरकम शिला के साधारण पुलों से सुरक्षित गुजरने को अधिकारी और स्थानीय लोग ‘ईश्वरीय चमत्कार’ मान रहे हैं। यह शिवलिंग 17 जनवरी तक अपने गंतव्य पूर्वी चंपारण के केसरिया पहुंचेगा, जहां इसे निर्माणाधीन ‘विराट रामायण मंदिर’ में स्थापित किया जाएगा। 500 करोड़ की लागत से बन रहे इस मंदिर का निर्माण 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। मंदिर न्यास के पूर्व सचिव किशोर कुणाल की परिकल्पना पर बन रहा यह मंदिर 1080 फीट लंबा होगा। गौरतलब है कि केसरिया ऐतिहासिक रूप से भगवान बुद्ध और गांधीजी के चंपारण सत्याग्रह से भी जुड़ा है।
World’s Largest Shivling: तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई 40 दिनों की लंबी यात्रा के बाद, दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार के गोपालगंज पहुंच चुका है। 210 टन वजनी और 33 फीट ऊंचे इस काले ग्रेनाइट के शिवलिंग को 96 पहियों वाले एक विशेष ट्रक द्वारा लाया जा रहा है। इतनी भारी-भरकम शिला के साधारण पुलों से सुरक्षित गुजरने को अधिकारी और स्थानीय लोग ‘ईश्वरीय चमत्कार’ मान रहे हैं। यह शिवलिंग 17 जनवरी तक अपने गंतव्य पूर्वी चंपारण के केसरिया पहुंचेगा, जहां इसे निर्माणाधीन ‘विराट रामायण मंदिर’ में स्थापित किया जाएगा। 500 करोड़ की लागत से बन रहे इस मंदिर का निर्माण 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। मंदिर न्यास के पूर्व सचिव किशोर कुणाल की परिकल्पना पर बन रहा यह मंदिर 1080 फीट लंबा होगा। गौरतलब है कि केसरिया ऐतिहासिक रूप से भगवान बुद्ध और गांधीजी के चंपारण सत्याग्रह से भी जुड़ा है।






