
किडनी कांड (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Human Organ Trafficking: देशभर में चर्चित किडनी बिक्री कांड के मामले में इस प्रकरण के मास्टरमाइंड दिल्ली के मशहूर डॉक्टर आरोपी रवींद्रपाल सिंह की अग्रिम जमानत कोर्ट ने ठुकरा दी है। वह अब तक अंतरिम अग्रिम जमानत पर थे। उनकी ओर से वकील ने स्थानीय सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी थी। कोर्ट के इस फैसले से अब आरोपी डॉ. सिंह को गिरफ्तार करने का स्थानीय पुलिस का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
किडनी कांड के बीच पुलिस ने मानव अंगों की तस्करी के इस गंभीर मामले में संलिप्त चारों मुख्य आरोपियों के सीडीआर तथा चैटिंग डेटा हासिल किया है। आरोपी डॉ. रवींद्रपाल सिंह, सोलापुर का रामकृष्ण सुंचू, चंडीगढ़ का हिमांशु भारद्वाज तथा तिरुचिरापल्ली का डॉ. राजरत्नम गोविंदस्वामी के कुछ खास मौके पर एक ही जगह मोबाइल लोकेशन होने की पुख्ता जानकारी हासिल की है।
यह लोकेशन तिरुचिरापल्ली के संबंधित स्टार किम्स हॉस्पिटल का पाया गया है, जो कि, डॉ. राजरत्नम गोविंदस्वामी का हॉस्पिटल है, तथा इसी हॉस्पिटल में कुछ लोगों की किडनी निकालकर उसे अन्य मरीजों को ट्रांसप्लांट किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने यह सारा टेक्निकल डेटा फोरेंसिक जांच के लिए नागपुर की फोरेंसिक लैब में भेजा है।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित इस किडनी कांड में बांग्लादेश के एक मरीज समेत तीन मरीजों की किडनी निकालने के दौरान मौत की चौकाने वाली जानकारी सामने आयी थी। इस मामले में अब शामिल डॉ. कृष्णा, डॉ. सिंह, डॉ. राजरत्नम और हिमांशु लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे, इनके बीच का मोबाइल कन्वर्सेशन भी पुलिस ने हासिल सिंह, के किया है।
यह भी पढ़ें – बाघों की ‘खूनी’ जंग, पेंच में 2 नन्हे शावकों के शव मिलने से हड़कंप, इलाके के वर्चस्व ने ली जान
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जब डॉ. कृष्णा और हिमांशु के पिछले दो साल मोबाइल फोन की सीडीआर जांची तो काफी सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। पुलिस को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली कर स्टार किम्स हॉस्पिटल में पिछले दो साल में हुई किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी की भी जानकारी मिली है।
खास बात यह है कि मोबाइल लोकेशन से यह बात सामने आई है कि हर सर्जरी के दौरान डॉ. सिंह, डॉ. कृष्णा, डॉ. राजरत्नम और हिमांशु वहां मौजूद थे। इस जानकारी से हॉस्पिटल की सभी नर्सों, वार्ड बॉय और वहां मौजूद किडनी बेचने वालों और खरीदने वालों के नाम चैट से सामने बताया आए है। सूत्रों ने कि, डॉ. सिंह ने अपने मोबाइल फोन से काफी जानकारी डिलीट कर दी है।
उसे रिकवर करने के लिए ही यह टेक्निकल डेटा फोरेंसिक लैब रवाना किया गया है। साथ ही, चंद्रपुर पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर एक स्पेशल टीम ने किडनी बेचने वालों और खरीदने वालों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई नाम पुलिस के लगे हैं और कई से संपर्क भी कर लिया गया है।






