छत्तीसगढ़ में डिप्टी कमांडर लाली समेत 26 नक्सलियों का सरेंडर, सभी पर था लाखों रुपए का इनाम

Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पूना मार्गेम अभियान और नई सुरक्षा चौकियों के चलते 7 महिलाओं समेत 26 माओवादी मुख्यधारा में लौट गए। इनमें सीआरसी कंपनी का डिप्टी कमांडर लाली भी शामिल है।
Deputy Commander Lali and 26 Naxalites surrender in Chhattisgarh, all carried bounties worth lakhs of rupees
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली और सुरक्षाकर्मी। इमेज-सोशल मीडिया
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Chhattisgarh Maoist: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बुधवार को 26 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 13 नक्सलियों पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/ पीड़ित राहत पुनर्वास नीति–2025 और सुकमा पुलिस के पूना मार्गेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान के प्रभाव के कारण यह आत्मसमर्पण हुआ। इसके साथ ही अंदरूनी इलाकों में लगातार नए सुरक्षा शिविर स्थापित होने से बढ़ते पुलिस दबाव के कारण संगठन के अंदर सक्रिय 7 महिलाओं सहित 26 माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक (SP) किरण चव्हाण और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में सीआरसी कंपनी नंबर-एक की प्लाटून नंबर–2 का डिप्टी कमांडर लाली उर्फ मुचाकी आयते (35) भी शामिल है। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम था। लाली पर 2017 में सोनाबेड़ा गांव से कोरापुट मार्ग पर सुरक्षाबलों के वाहन को उड़ाने की घटना में शामिल होने का आरोप है। उस घटना में 14 जवान शहीद हुए थे।

कितना-कितना इनाम था घोषित

डिवीजनल कमेटी सदस्य हेमला लखमा (41), कंपनी नंबर-7 की पार्टी सदस्य आसमिता उर्फ कमलू सन्नी (20), रामबत्ती उर्फ संध्या (21) और बटालियन नंबर-1 के सदस्य सुंडाम पाले (20) ने भी आत्मसमर्पण किया है। इन सभी पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था। 3 नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपए, एक नक्सली पर 3 लाख रुपए, एक नक्सली पर 2 लाख रुपए और तीन नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

घोषित इनाम, प्रोत्साहन राशि मिलेगी

पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 50–50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि, घोषित इनामी रकम और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पीएलजीए बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और एओबी क्षेत्र में सक्रिय थे। इनमें सीवाईपीसीएम-01, पीपीसीएम-04, एसीएम-03 और पार्टी सदस्य-18 रैंक के कैडर शामिल हैं। ये माओवादी सुकमा, माड़ क्षेत्र और सीमावर्ती ओडिशा में कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।

सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस उपलब्धि पर बधाई दी है। पुलिस ने बताया कि माओवादियों को मुख्यधारा में लौटाने में डीआरजी सुकमा, इंटेरोगेशन शाखा, विआशा सुकमा, आरएफटी सुकमा और सीआरपीएफ की 02, 159, 212, 217, 226 और कोबरा 201 बटालियन की खुफिया इकाइयों की अहम भूमिका रही है।

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